Sasaram News : सासाराम से डॉ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट. सासाराम के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित पायलट बाबा आश्रम के समीप लगे लंदन थीम मेले में शुक्रवार की रात नौ बजे एक बेहद खौफनाक और दर्दनाक हादसा हो गया. मेले में लगा एक विशालकाय झूला तकनीकी खराबी के कारण टूटकर सीधे जमीन पर आ गिरा. इस भीषण हादसे में 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं. घायलों में सिनुआर गांव का आठ साल का किशोर धीरज कुमार है, जिसकी हालत गंभीर है. वहीं, दो अन्य महिलाएं उषा देवी व सीमा देवी का इलाज चल रहा है. इनमें उषा देवी बघेला थाना क्षेत्र के सियावक गांव की है, वहीं सीमा देवी मुफस्सिल थाना क्षेत्र विशुनपुरा गांव की रहनेवाली है. घटना के बाद पूरे मेले में चीख-पुकार मच गयी और भारी अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी.
हवा में इंजन हुआ रिवर्स, सीधे जमीन पर गिरा झूला
प्रत्यक्षदर्शियों और मेले में मौजूद लोगों के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब नौ बजे जब यह हादसा हुआ, उस वक्त झूले पर 35 से अधिक लोग (बच्चे और महिलाएं भी) सवार थे. झूला अभी शुरू ही हुआ था और वह एक राउंड ऊपर की तरफ गया था. तभी अचानक उसमें कोई तकनीकी खराबी आ गयी. झूले का भारी-भरकम इंजन अचानक रिवर्स (उल्टा) हो गया, जिससे पूरे ढांचे का संतुलन बिगड़ गया और वह टूटकर तेज रफ्तार में नीचे आ गिरा.
अस्पतालों में मची चीख-पुकार, आयोजक नदारद
हादसे के बाद मेले में दहशत फैल गयी और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाने की पुलिस तुरंत भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंची. मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर इलाज के लिए सासाराम सदर अस्पताल और नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. कई घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है. दूसरी तरफ, हादसे के बाद मेले के आयोजक और झूले का ऑपरेटर मौके से फरार बताये जा रहे हैं.
सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल
इस खौफनाक हादसे ने जिला प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. क्या इतने बड़े मैकेनिकल झूले के संचालन के लिए संबंधित विभाग से फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रशासनिक अनुमति ली गयी थी. फिलहाल पुलिस राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ इस बात की भी जांच कर रही है कि मेले में झूले के संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किन स्तरों पर की गयी है.
