Bengal Madrasa: बंगाल में ‘ऑपरेशन सफाई’ शुरू, ध्वस्त होंगे अवैध मदरसे

Bengal Madrasa: पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालते ही शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट ने फैसलों की झड़ी लगा दी है. शुभेंदु कैबिनेट के सदस्य खुदीराम टुडू ने अवैध मदरसों पर 'ऑपरेशन सफाई' की घोषणा कर दी है. साथ ही, तृणमूल काल में फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी सुविधाओं और नौकरियों पर डाका डालने वालों के खिलाफ भी अब निर्णायक कार्रवाई होगी.

Bengal Madrasa: कोलकता. पश्चिम बंगाल सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री खुदीराम टुडू ने पद संभालते ही कड़े तेवर दिखाए हैं. उन्होंने कहा है कि बंगाल की धरती पर अब न तो अवैध मदरसे चलेंगे और न ही फर्जी दस्तावेजों का खेल. बर्धमान में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री टुडू ने कहा कि पिछली सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए नियमों को ताक पर रख दिया था, लेकिन अब ‘ऑपरेशन सफाई’ के तहत हर उस संस्थान और व्यक्ति पर कार्रवाई होगी, जिसने कानून का उल्लंघन किया है.

अवैध मदरसों को किया जायेगा ध्यस्त

मंत्री खुदीराम टुडू ने सीधे शब्दों में कहा कि बंगाल में शिक्षा के नाम पर चल रहे अवैध अड्डों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने ‘ऑपरेशन सफाई’ की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में जितने भी बिना मान्यता और अवैध रूप से चल रहे मदरसे हैं, उन्हें चिन्हित कर बंद किया जाएगा. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने चेतावनी दी है कि अल्पसंख्यक विकास के फंड का इस्तेमाल केवल वैध और नियम सम्मत संस्थानों के लिए होगा. उन्होंने साफ किया कि अवैध मदरसे बंद करना उनकी प्राथमिकता है ताकि भविष्य में ऐसी अराजकता दोबारा न पनप सके.

आदिवासियों को मिलेगा सम्मान

मंत्री ने कहा कि तृणमूल नेताओं ने अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए ‘मुरी-मुर्की’ की तरह एसटी सर्टिफिकेट बांटे. मंत्री ने गरजते हुए कहा-फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर सरकारी मलाई चाटने वालों पर अब सरकार वज्रपात बनकर टूटेगी. हम हर एक सर्टिफिकेट की स्क्रूटनी करेंगे और अवैध तरीके से नौकरी पाने वालों को बाहर का रास्ता दिखाएंगे. उन्होंने वादा किया कि असली आदिवासियों को उनका खोया हुआ सम्मान वापस मिलेगा.

सरकार किसी समुदाय के खिलाफ नहीं

बांकुड़ा के रानीबंध से विधायक और पेशे से शिक्षक रहे खुदीराम टुडू ने कहा कि वे खुद एक साधारण परिवार से आते हैं और भ्रष्टाचार की मार को समझते हैं. उनकी पत्नी मालती टुडू आशा वर्कर हैं और बेटी चंद्रानी ने कड़ी मेहनत से नीट निकाला है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस सिस्टम के खिलाफ है जिसने योग्यता को दरकिनार कर केवल चापलूसी को बढ़ावा दिया. पिछड़े वर्गों का कल्याण अब जाति और धर्म देखकर नहीं, बल्कि ईमानदारी और पात्रता के आधार पर होगा.

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भाजपा सरकार का जीरो टॉलरेंस प्लान

मंत्री ने साफ कर दिया कि अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग में अब जवाबदेही तय की जाएगी. भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी इस जंग में किसी को बख्शा नहीं जाएगा. बर्दवान के पार्टी कार्यालय से उन्होंने हुंकार भरी कि केवल भ्रष्टाचार मिटाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि बंगाल को फिर से सोनार बांग्ला बनाना है, जहां हर आदिवासी और अल्पसंख्यक सुरक्षित महसूस करे, लेकिन कानून की सीमा में रहकर. अब देखना यह है कि मंत्री के इस वज्रपात वाले बयान के बाद बंगाल की राजनीति में और कितनी तपिश बढ़ती है.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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