Coronavirus Pandemic: प्रतिबंधों के बीच आवाजाही का परमिट जारी करने के लिए राजस्थान पुलिस ने बनाया RajCop Citizen Mobile App

RajCop Citizen Mobile App for transport permit during Coronavirus Pandemic जयपुर/नयी दिल्ली : राजस्थान पुलिस ने शनिवार को एक मोबाइल फोन एप्प ‘राजकॉप’ (RajCop Citizen Mobile App) शुरू किया. इसकी मदद से कंपनियां और व्यक्ति कोरोना पाबंदी के दौरान जरूरी होने पर आने-जाने के परमिट हासिल कर सकते हैं.

जयपुर/नयी दिल्ली : राजस्थान पुलिस ने शनिवार को एक मोबाइल फोन एप्प ‘राजकॉप’ (RajCop Citizen Mobile App) शुरू किया. इसकी मदद से कंपनियां और व्यक्ति कोरोना पाबंदी के दौरान जरूरी होने पर आने-जाने के परमिट हासिल कर सकते हैं.

राजस्थान के राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो के उप-महानिरीक्षक शरत कविराज ने बताया कि नागरिकों के लिए यह एप्प एंड्रॉयड प्लेस्टोर पर प्रस्तुत किया गया है. यह अभी अंग्रेजी में है, पर इसे लोगों खासकर कमजोर वर्ग के लोगों की सुविधा के हिसाब से सुधारा जायेगा.

उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस पाबंदी को नियंत्रित करने के लिए प्रौद्योगिकी और मानवरीय रुख, दोनों चीजें अपना रही है. इस एप्प की मदद से कानून मानने वाले लोगों को जरूरी काम से बाहर निकलने में मदद मिलेगी. इस एप्प में अभी अनुमति ई-मेल से भेजी जा रही है. पर रविवार (29 मार्च, 2020) से यह जानकारी एप्प पर भी उपलब्ध हो सकेगी.

आमजन को राहत देने के लिए राज कॉप सिटीजन एप पर लॉकडाउन पास के नाम से एक फीचर दिया गया है. इस सुविधा के लिए आमजन अपने मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर से राजकॉप सिटीजन मोबाइल एप्प (RajCop Citizen Mobile App) डाउनलोड करने के बाद एसएसओ आइडी से लॉगिन कर इस सुविधा का उपयोग कर सकेंगे.

लॉगिन के बाद आम लोगों के अलावा व्यावसायिक फर्म द्वारा उचित कारणों के साथ आवेदन किया जा सकता है. इस पर संबंधित जिला प्रशासन/पुलिस/अन्य सक्षम पदाधिकारी विचार करेंगे और जरूरत होने पर ऑनलाइन डिजिटल पास जारी कर दिया जायेगा. डिजिटल पास संबंधित आवेदक की ई-मेल आइडी पर पहुंच जायेगी.

पास के लिए खुद को रजिस्टर करने के लिए इस लिंक (https://sso.rajasthan.gov.in/register>) पर क्लिक करें और SSO ID बनायें.

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस की महामारी के चलते पूरे देश में 14 अप्रैल, 2020 तक कम्प्लीट लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है. इस दौरान आमजन को आवश्यक सेवाओं के लिए, दैनिक उपभोग की वस्तुओं की खरीद एवं मेडिकल सुविधाओं के लिए घर से बाहर निकलने की आवश्यकता होती है. ऐसे में आपात वक्त के दौरान इमरजेंसी पास राजकॉप सिटीजन मोबाइल एप पर आवेदन कर प्राप्त कर सकते हैं.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि फिलहाल अन्य राज्यों या अन्य शहरों में फंसे हुए लोग, चोरी-छिपे अपने घर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. इसमें कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर आना-जाना कर रहे हैं. इससे न केवल आम लोग, बल्कि प्रशासन भी परेशान है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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