Rajasthan Election Result 2023: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में ऐसी मोदी लहर चली की विपक्ष के सारे दांव सिफर साबित हुए और बीजेपी ने जीत का नया इतिहास रच दिया. तीनों राज्यों में बीजेपी की आंधी में कांग्रेस समेत सभी दल उड़ गये. वोटरों ने पीएम मोदी के गारंटी को इतना तवज्जो दिया कि बीजेपी इन राज्यों की सिरमौर बन गई. राजस्थान में भी बीजेपी की प्रचंड जीत हुई है. कांग्रेस पिछले चुनाव में 100 सीटों पर जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार 70 का भी आंकड़ा नहीं पार कर पाई है. जबकि बीजेपी 114 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और गिनती अभी भी जारी है.
अशोक गहलोत ने दिया इस्तीफा
इधर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बुरी तरह से हार हुई है. राजस्थान में पराजय के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. गहलोत रविवार शाम राजभवन पहुंचे और राज्यपाल कलराज मिश्र को मुख्यमंत्री पद से अपना त्यागपत्र सौंप दिया. राजभवन के बयान के मुताबिक राज्यपाल मिश्र ने तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र स्वीकार करते हुए उनसे राज्य में नई सरकार के गठन तक कार्य करते रहने का आग्रह किया. बता दें, विधानसभा चुनाव में राज्य की 200 में से 199 सीट पर मतदान हुआ. जिसके परिणाम रविवार को आए.
जारी है वोटों की गिनती
भारतीय जनता पार्टी को 113 सीट पर जीत के साथ स्पष्ट बहुमत मिल गया है. दो सीटों पर अभी भी बढ़ता जारी है. यानी कुल आंकड़ा 115 तक पहुंचता नजर आ रहा है. वहीं कांग्रेस 69 सीट पर सिमटी दिख रही है. 60 सीट पर उसके उम्मीदवार जीत चुके हैं जबकि नौ पर आगे हैं. चुनाव आयोग ने भी साफ कर दिया है कि राजस्थान चुनाव का रण बीजेपी ने जीत लिया है. चुनाव आयोग ने ट्वीट कर कहा है कि बीजेपी राजस्थान में अपनी सरकार बनाने के लिए तैयार है. पार्टी ने 100 सीटों के बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है. हालांकि वोटों की गिनती अभी भी जारी है.
चुनाव परिणामों को सभी के लिए अप्रत्याशित- अशोक गहलोत
एग्जिट पोल के नतीजे से खुश हो रही कांग्रेस की खुशी नतीजे के आने के बाद धीरे-धीरे मातम में बदलने लगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव परिणामों को सभी के लिए अप्रत्याशित करार देते हुए जनादेश को स्वीकार किया है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि राजस्थान की जनता द्वारा दिए गए जनादेश को हम विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं. यह सभी के लिए एक अप्रत्याशित परिणाम है. यह हार दिखाती है कि हम अपनी योजनाओं, कानूनों और नवाचारों को जनता तक पहुंचाने में पूरी तरह कामयाब नहीं रहे.
गौरतलब है कि राजनीतिक गलियारों में राजस्थान के विधानसभा चुनाव को राज और रिवाज बदलने की लड़ाई के रूप में देखा जाता रहा है. बीते कुछ दशकों में, परंपरागत रूप से राज्य में हर विधानसभा चुनाव में सरकार बदल जाती है. एक बार कांग्रेस, एक बार बीजेपी. और यह परंपरा इस बार भी कायम रही. राज्य में 200 में से 199 सीटों पर 25 नवंबर को मतदान हुआ था जहां 75.45 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले. राज्य की करणपुर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित किया गया है.
भाषा इनपुट से साभार
