Sambalpur News: संबलपुर जिला के बामड़ा ब्लॉक में पिंडापथर गांव स्थित मुंडाढीपा भोगरा तालाब का विकास कार्य पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से रुका हुआ है. तालाब का जीर्णोद्धार और संरक्षण नहीं होने से ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है तथा उन्होंने इसके शीघ्र विकास की मांग की है.
ग्रामीण पंचायत से लेकर तहसील तक लगा चुके हैं गुहार
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक दशक से इस तालाब के संरक्षण और विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. तालाब की कुछ भूमि को लेकर विवाद चल रहा है. आरोप है कि एक स्थानीय व्यक्ति ने उस भूमि पर अपना दावा करते हुए न्यायालय में मामला दर्ज कराया है, जिस कारण सरकारी विकास कार्य बाधित हो रहे हैं. इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने पहले भी पिंडापथर पंचायत, बामड़ा ब्लॉक कार्यालय, कुचिंडा उपजिलाधिकारी तथा बामड़ा तहसील कार्यालय में कई बार लिखित शिकायत दी थी, लेकिन इसका अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है.
ग्रामीणों ने पंचायती राज मंत्री से की शिकायत
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों ने अब पंचायती राज मंत्री रवि नारायण नायक के पास भी लिखित शिकायत भेजी है. उन्होंने भूमि विवाद का शीघ्र समाधान कर तालाब का विकास कार्य शुरू करने की मांग की है. मांग पूरी नहीं होने पर भविष्य में सड़क जाम आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है. ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि यदि विवादित भूमि का तत्काल समाधान संभव नहीं है, तो कम से कम विवाद-मुक्त हिस्से में सफाई, जल कुंभी निकासी और विकास कार्य शुरू किया जाये, ताकि तालाब का अस्तित्व बचाया जा सके. ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से तालाब में जलकुंभी और जलीय खरपतवार जमा होने के कारण इसका उपयोग लगभग बंद है. जल संरक्षण, पशुओं के पेयजल तथा अन्य सामाजिक कार्यों में भी इसका महत्व घट गया है. समय रहते विकास कार्य शुरू नहीं होने पर तालाब का अस्तित्व समाप्त होने की आशंका जतायी जा रही है.
तालाब से जुड़ा भूमि विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन
पिंडापथर के सरपंच बिरंची माझी ने बताया कि तालाब से जुड़ा भूमि विवाद न्यायालय में विचाराधीन है. इसी कारण विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है. हालांकि ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र समाधान निकालने की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मुंडाढीपा तालाब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि गांव की विरासत और जल संसाधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसलिए इसके संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को तत्काल पहल करनी चाहिए. पूर्व सरपंच रवि बाघ, वार्ड सदस्य बासंती मिंज, लक्ष्मी मिंज, बिलास बाघ, पद्मावती टोप्पो सहित अनेक ग्रामीणों ने इस मांग को दोहराया है.
