झारसुगुड़ा : कोलाबिरा तहसील अंतर्गत गुड़िगांव मौजा में 62.37 एकड़ सरकारी जमीन को इडको को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया का ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विरोध किया है. इस संबंध में ग्रामीणों ने शनिवार को कोलाबिरा तहसीलदार मनोज प्रभाकर कुजूर को ज्ञापन सौंपकर प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की.ग्रामीणों के अनुसार गुड़िगांव मौजा के खाता संख्या 194 के छह प्लॉटों में लगभग 62 एकड़ 37 डिसमिल सरकारी जमीन को औद्योगिक स्थापना के लिए इडको के माध्यम से लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई है. इस संबंध में तहसीलदार की ओर से नोटिस भी जारी किया गया है.
ग्रामीणों का कहना है कि उक्त जमीन का उपयोग गांव के लोग गोचर, आजीविका तथा विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए करते हैं. जमीन उद्योग के लिए दिए जाने से गरीब ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित होने के साथ गोचर की समस्या उत्पन्न होगी. इसके अलावा धूल, धुआं, शोर तथा वायु एवं जल प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई गई है.
इससे ग्रामीण पर्यावरण और शांतिपूर्ण माहौल पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही गई है.ज्ञापन में मांग की गई है कि जमीन आवंटन पर अंतिम निर्णय से पहले ग्रामीणों और सरपंच की मौजूदगी में सार्वजनिक सुनवाई कराई जाए. साथ ही जमीन की वास्तविक स्थिति का स्थल निरीक्षण कर वैकल्पिक सरकारी जमीन की संभावना पर भी विचार किया जाए.ग्रामीणों की आजीविका और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित आवंटन पर पुनर्विचार करने की मांग की गई.
ज्ञापन सौंपने के दौरान कोलाबिरा ब्लॉक अध्यक्ष भोजराज पटेल, जिला परिषद सदस्य नृपलाल पशायत, अतुल्य बिरगठिया, मनोज पटेल, धर्मेंद्र किसान, दिव्यलोचन किसान, उमेश सांध, हृषीकेश पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे
