Rourkela News: ओडिशा पुलिस ने एक निवेशक से फर्जी ऑनलाइन निवेश योजना के जरिए 13.72 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दीय पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान सुंदरगढ़ जिले के राउरकेला के निवासी तथा पेटीएम और एनएसडीएल से जुड़े कर्मचारी अविनाश ओझा (35), एयरटेल और जियो पेमेंट्स बैंक में कार्यरत जगन साहू (24) और सिम कार्ड विक्रेता प्रतीक चौरसिया उर्फ सिद्धार्थ चौरसिया (21) के रूप में हुई है
सोशल मीडिया पर निवेश का आकर्षण विज्ञापन देख ठगी का हुआ शिकार
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने मई में सोशल मीडिया पर निवेश का एक आकर्षक का विज्ञापन देखा. जालसाजों ने दोगुना मुनाफे का वादा किया और उसे धन अंतरित करने के लिए राजी कर लिया. उन्होंने बताया कि जालसाजों के दावों पर भरोसा करके, शिकायतकर्ता ने 16 से 29 मई के बीच 13.72 लाख रुपये अंतरित कर दिये. अधिकारी ने बताया कि बाद में, शिकायतकर्ता को एहसास हुआ कि यह योजना धोखाधड़ी वाली है और उसने कटक साइबर थाने में शिकायत दर्ज करायी. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ओझा धोखेबाजों के लिए बैंक खाते खोलने और बेचने के लिए जिम्मेदार था, जबकि साहू ने पहले से सक्रिय सिम कार्ड और अकाउंट किट खरीदे, जिन्हें बाद में मुंबई, दिल्ली, गुजरात और राजस्थान जैसे शहरों में कूरियर किया गया. चौरसिया ने ये सिम कार्ड अन्य दो आरोपियों को दिये.छह जुलाई को पीड़ित ने दर्ज करायी थी शिकायत
6 जुलाई, 2025 को, जगतपुर, कटक निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करायी कि निशा सिंह नाम की एक महिला ने टेलीग्राम चैनल के जरिये उससे संपर्क किया था. उसने एक लिंक साझा किया जिसमें एक क्रिप्टोकरेंसी कंपनी के लिए गूगल रिव्यू पोस्ट करके दोगुना रिटर्न कमाने का मौका दिया गया था. इस योजना पर भरोसा करके, शिकायतकर्ता ने 16 मई से 29 मई, 2025 के बीच 13,72,070 रुपये ट्रांसफर कर दिये. धोखाधड़ी का एहसास होने पर, शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया. कटक साइबर पुलिस स्टेशन ने तुरंत एसआइ एल साहू के नेतृत्व में जांच शुरू की. हालांकि धोखेबाजों द्वारा इस्तेमाल किये गये मोबाइल नंबर बंद थे, फिर भी टीम ने आरोपियों का पता लगाने के लिए लॉगिन डेटा, बैंक लेनदेन, सीडीआर, एसडीआर और आइपीडीआर का विश्लेषण किया.छह मोबाइल फोन, 10 पासबुक, तीन आधार कार्ड और तीन चेक बुक जब्त
पुलिस आयुक्त की देखरेख में, पांच अधिकारियों वाली एक विशेष जांच टीम राउरकेला भेजी गयी. स्थानीय पुलिस की सहायता से, तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया और अदालती कार्यवाही के लिए कटक ले जाया गया. पुलिस ने उनके पास से छह मोबाइल फोन, 10 पासबुक, तीन आधार कार्ड और तीन चेक बुक जब्त की हैं, साथ ही 39 बैंक खातों में लेन-देन रोक दिया गया है, जिनमें लगभग दो लाख रुपये जमा हैं. इससे पहले, मामले के एक अन्य आरोपी अनुराग पटनायक (21) को छह सितंबर को राउरकेला से गिरफ्तार किया गया था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
