Rourkela News: चार साल से रेल ओवरब्रिज निर्माणाधीन, कुकुड़ा गेट रेल फाटक पर घंटो लग रहा जाम

Rourkela News: जमीन अधिग्रहण नहीं होने के कारण रेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चार साल से अधर में है. इससे लोगों को परेशानी हो रही है.

Rourkela News: कुकुड़ा गेट रेल फाटक बिसरा से बंडामुंडा और राउरकेला आने-जाने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. मुंबई-हावड़ा मेन लाइन पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का काम एक तरफ से लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन दूसरी ओर से निजी जमीन के अधिग्रहण के विवाद को लेकर काम थमा हुआ है. अभी तक जो काम हुआ है, वह केवल सरकारी जमीन पर किया गया है. शेष हिस्से के लिए निजी जमीन मालिकों ने उपयुक्त मुआवजे की मांग की थी, पर उपयुक्त मुआवजा नहीं मिलने के कारण जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका है और ब्रिज का काम अधर में लटका हुआ है. जिस कारण लोगों की समस्या जस की तस बनी हुई है.

झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पश्चिम बंगाल के यात्री करते हैं सफर

मुंबई-हावड़ा रूट पर कुकुड़ा गेट रेलवे फाटक बिसरा-बंडामुंडा मुख्य मार्ग पर स्थित है. यह मार्ग न सिर्फ झारखंड, बल्कि छत्तीसगढ़, बिहार और पश्चिम बंगाल से सड़क मार्ग से आने-जाने वाले लोगों के लिए भी जीवनरेखा की तरह है. यहां से गुजरने वाला मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग व्यस्त रूट है. ट्रेनों की लगातार आवाजाही के कारण गेट अधिकतर समय बंद ही रहता है. 5-6 ट्रेनें गुजरने के बाद गेट खुलता है. अक्सर ऐसा होता है कि एक के बाद एक पांच से छह ट्रेनें गुजरती हैं, तब जाकर गेट खोला जाता है. इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं. कार, बस, ऑटो और बाइक सवार घंटों जाम में फंसे रहते हैं. सबसे ज्यादा परेशानी झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और बंगाल के यात्रियों को झेलनी पड़ती है, जिन्हें मंजिल तक पहुंचने में कई-कई घंटे बर्बाद करने पड़ते हैं. लोगों को उम्मीद थी कि ब्रिज बन जाने से जाम की परेशानी से मुक्ति मिलेगी. लेकिन ब्रिज महीनों से निर्माणाधीन है.

जल्द जमीन अधिग्रहण की हो रही मांग

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुकुड़ा गेट रेल फाटक पर अक्सर लगने वाले जाम से लोगों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है. कई बार मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी इस जाम में फंस जाती है. समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने की वजह से मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है. स्थानीय लोगों की मांग है कि मुआवजे का विवाद जल्द से जल्द सुलझाया जाये और ब्रिज का निर्माण पूरा कराया जाये. आरओबी के पूरा होने पर इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या खत्म होगी और चार राज्यों के यात्रियों को राहत मिलेगी. यह मुद्दा अब सिर्फ बंडामुंडा का नहीं, बल्कि चार राज्यों से जुड़े यात्रियों का हो गया है. लोगों की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं. विदित हो कि लगभग ब्रिज का काम एक तरफ पूर�� हो चुका है. लेकिन दूसरी और कोई कार्य नहीं हुआ है.

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प्रशासन व रेलवे जल्द से जल्द पूरा करायें आरओबी का निर्माण कार्य

बिसरा निवासी सचिन शाह ने कहा कि कुकुड़ा गेट रेलवे फाटक पर रेल ओवर ब्रिज का कार्य शुरू हुए लगभग चार साल हो गये, लेकिन अभी तक ब्रिज अधूरा है. किसी कार्य से बंडामुंडा व राउरकेला जाना हो, तो हमें लंबे समय तक जाम में फंसना पड़ता है. खासकर मरीज को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है. ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाये, ताकि लंबे समय से चली आ रही परेशानी से छुटकारा मिले. वहीं अमित साह ने कहा कि हर दिन हमें इसी जाम से गुजरना पड़ता है. कभी बच्चों की स्कूल बस जाम में फंस जाती है,तो कभी ऑफिस टाइम व अपने निजी कार्य पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है. प्रशासन को जल्द इस ब्रिज का काम पूरा कराना चाहिए.

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Published by: Bipin kumar yadav

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