Jharsuguda News: झारसुगुडा जिला मुख्य अस्पताल में मरीजों के उपचार और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सहायता केंद्र खोला गया है. इसमें कर्मचारियों को भी नियुक्त किया गया है. सरकारी कोष से लाखों रुपये मासिक खर्च भी किये जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल में मरीजों को ले जाने वाले लोग इस सहायता केंद्र से मदद नहीं मिलने की शिकायत करते नजर आते हैं.
बार-बार बुलाने पर भी नहीं सुनते हैं कर्मचारी, लोग होते हैं परेशान
जानकारी के अनुसार, इस अस्पताल में ओपीडी या इमरजेंसी से अंतर-विभाग में स्थानांतरित होने वाले मरीजों को सहायता केंद्र के कर्मचारियों द्वारा लेकर जाने का नियम है. लेकिन मरीज के परिजन बुला-बुलाकर परेशान हो जाते हैं, फिर भी कोई सुनता नहीं है. अंत में परिजन ही सलाइन के साथ व्हीलचेयर को धकेलते हुए मरीज को पांचवीं मंजिल तक ले जाते हैं. इस संबंध में मरीजों के परिजनों ने अस्पताल अधिकारियों से बार-बार शिकायत की है, लेकिन कोई लाभ नहीं मिल रहा है.
शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा स्थिति में सुधार, आये दिन होता है हंगामा
हाल ही में एक गंभीर महिला को जिला मुख्य अस्पताल लाया गया. उस समय इमरजेंसी विभाग खुला नहीं था, इसलिए महिला का इलाज ओपीडी विभाग में किया गया. वहां महिला के स्वास्थ्य की जांच के बाद उसे सलाइन चढ़ाने के बाद भर्ती करने की सलाह दी गयी. इस समय मरीज का सलाइन पकड़ने या उसकी व्हीलचेयर धकेलने के लिए सहायता केंद्र का एक भी कर्मचारी नहीं आया. अंत में, मरीज के परिजनों ने खुद सहायता केंद्र का काम संभाला और मरीज को व्हीलचेयर पर पांचवीं मंजिल के अंतर-विभाग में भर्ती कराया. हालांकि यह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि इसी तरह की घटना शुक्रवार भी हुई. जिसे लेकर अस्पताल के सहायता केंद्र के सामने हंगामा हुआ. एक मरीज के परिजन ने बुलाया था, लेकिन सहायता केंद्र का कोई कर्मचारी नहीं आया, जिससे वह आक्रोशित हो उठे. बाद में अस्पताल के कर्मचारी वहां पहुंचे और समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ. जिला मुख्य अस्पताल में मरीजों की सहायता के लिए आउटसोर्सिंग कर्मचारी नियुक्त किये गये हैं.
मरीजों की सुविधा के लिए 2009 में खुला था सहायता केंद्र
2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को व्हीलचेयर या स्ट्रेचर पर वार्ड तक ले जाने के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था की जायेगी. इसके अलावा मरीजों को सभी प्रकार की चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सहायता केंद्र खोले गये थे. इन केंद्रों के माध्यम से मरीजों को सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए कर्मचारियों की भी नियुक्ति की गयी थी. लेकिन झारसुगुड़ा जिला मुख्य अस्पताल में सहायता केंद्र के कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं, जिसके कारण मरीज और उनके परिजन परेशान हो रहे हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
