Rourkela News: शहर का तापमान 40 डिग्री से नीचे, लेकिन कड़ी धूप और उमस ने किया बेहाल

Rourkela News: काल बैसाखी के प्रभाव में हुई बारिश से स्मार्ट सिटी के लोगों को राहत मिली थी. लेकिन अब एक बार फिर गर्मी बढ़ रही है.

Rourkela News: स्मार्ट सिटी का तापमान शुक्रवार को भले ही 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा, लेकिन कड़ी धूप और उमस ने शहरवासियों को बेहाल कर रखा है. इंसान के साथ-साथ पशुओं को भी इस गर्मी से परेशान देखा जा रहा है. शहर के रिंग रोड सहित उन सभी इलाकों में जहां पेड़ हैं, वहां इंसान और जानवर शरण लिये नजर आये. मौसम विभाग के अनुसार, काल बैसाखी के प्रभाव में मई के शुरुआती 10 दिनों तक गर्मी का असर उस तरह नहीं रहा, जिस तरह अमूमन हर साल देखा जाता है. लेकिन अब धीरे-धीरे गर्मी अपने सामान्य रूप में आ रही है. लिहाजा तापमान भले ही अभी 40 डिग्री से नीचे है, लेकिन जल्द ही यह इसे पार करेगी. तापमान बढ़ने के साथ गर्मी का एहसास भी ज्यादा होगा. बीच-बीच में राहत की उम्मीद है, लेकिन स्थायी रूप से अभी गर्मी जून तक रहेगी.

बाजारों में दोपहर के समय पसरा सन्नाटा

गर्मी के कारण शहर के बाजारों में दिन के समय सन्नाटा देखा जा रहा है. बुधवार को छेंड मार्केट में लगनेवाला बाजार या फिर शुक्रवार को कलिंग विहार में लगनेवाला सब्जी बाजार दिन के समय पूरी तरह से सुनसान नजर आ रहा है. शाम छह बजे के बाद ही लोगों की भीड़ खरीदारी के लिए आ रही है. शहर की सड़कों पर भी यही स्थिति देखी जा रही है.

आम 80 से 100 रुपये किलो, लीची 100 रुपये

गर्मी में मिलनेवाले फलों से भी बाजार अटा पड़ा है. आम अब 80 से 100 रुपये किलो के दर से बिकने लगा है. वहीं लीची 100 रुपये किलो बिक रही है. हालांकि अभी बाजार में स्थानीय लीची ही नजर आ रही है. मुजफ्फरपुर की लीची अभी बाजार में नहीं पहुंची है.

मवेशियों को भी धूप से बचाने का प्रबंध करे प्रशासन

गर्मी बढ़ने के साथ ही मनुष्य और पशु दोनों को परेशानी हो रही है. शुक्रवार को भी गर्मी के कारण कई मवेशी अपने चारागाहों को छोड़कर विभिन्न पेड़ों के नीचे आराम करते देखे गये. जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से शाम के समय बारिश हो रही है. जिससे शुक्रवार को भी लोगों को उम्मीद थी कि शाम में बारिश हाेगी व मौसम ठंडा रहेगा. लेकिन सुबह सात बजे तक तापमान 38 डिग्री से बढ़कर 42 से 43 डिग्री तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों का घरों के अंदर रहना मुश्किल हो जाता है. पंखे, कूलर और एसी किसी भी तरह से मदद करने में विफल रहे हैं. वैसे मनुष्य को चाहे पीने का ठंडा पानी हो या मीठा पानी, कुछ न कुछ राहत तो मिलती ही है. लेकिन घुमंतू पशुओं और मवेशियों को किसी प्रकार की राहत नहीं मिलती है. ऐसे में शहर के पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मवेशियों को धूप से बचाने का प्रबंध करने की मांग की गयी है.

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By BIPIN KUMAR YADAV

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