Rourkela News: सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि आहार खाद्य केंद्रों में गरीबों को मात्र पांच रुपये में चावल, दालमा और अचार उपलब्ध कराया जायें, लेकिन स्मार्ट सिटी राउरकेला में उलट स्थिति देखने को मिल रही है. ‘आहार’ के नाम पर गरीबों को लूटा जा रहा है. दालमा और अचार की एक थाली के लिए पांच रुपये की जगह 10 रुपये वसूले जा रहे हैं.
छोटी थानी पांच, तो बड़ी मिल रही 10 रुपये में
जानकारी के अनुसार, खाद्य केंद्रों में दो तरह की थाली रखी गयी हैं. छोटी थाली पांच रुपये में एक बार के भोजन के लिए और बड़ी थाली 10 रुपये में भरपेट भोजन के लिए उपलब्ध है. यह स्थिति एक-दो खाद्य केंद्रों में नहीं, बल्कि शहर के लगभग हर इलाके में देखी जा रही है. जिस कारण अक्सर केंद्रों का संचालन करने वाले एचएसजी अधिकारियों और गरीबों (लाभार्थियों) के बीच विवाद हो जाता है. मामला विभागीय अधिकारी तक पहुंच गया है, लेकिन गरीब लाभार्थी को भरपेट भोजन के लिए 10 रुपये और आधे भोजन के लिए पांच रुपये देने के लिए विवश होना पड़ रहा है. आरएमसी के उपायुक्त अजीत पटनायक ने कहा कि ऐसे आरोप पूरी तरह अस्वीकार्य है. प्रत्येक आहार केंद्र की निश्चित रूप से जांच की जायेगी और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
शिकायतों की जांच को आहार केंद्र पहुंचे विधायक दुर्गा तांती
शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित आहार केंद्रों में लोगों से पांच की जगह 10 रुपये लेकर भोजन देने की सूचना के बाद रघुनाथपाली विधायक दुर्गा चरण तांती शनिवार को बस स्टैंड के पास बने केंद्र का अचानक दौरा किया. वहां पूछताछ में एक व्यक्ति ने बताया कि पांच रुपये देकर जो भोजन मिला उससे पेट नहीं भरा. इसलिए दोबारा पांच रुपये देकर दूसरा टोकन लेने के लिए विवश किया गया. विधायक ने इसपर नाराजगी जतायी और कहा कि यह स्वीकार नहीं होगा, क्योंकि जिस मकसद से इस आहार केंद्र को बनाया गया है, उससे लोग खुश नजर नहीं आ रहे हैं. विधायक ने नगर निगम आयुक्त से फोन पर बात की और उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी. उन्होंने आरोपों की जांच करने और यह गैर-कानूनी काम करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का सुझाव दिया.
