Rourkela News: बिसरा थाना अंतर्गत नुआगांव ब्लॉक के जामबेरणा में गत पांच फरवरी को बेसुध हालत में मिली नाबालिग का इलाज कराने के लिए उसके परिजन इस अस्पताल से उस अस्पताल घूमते रहे. लेकिन कहीं पर भी उसका इलाज नहीं हो सका था, यहां तक कि राउरकेला सरकारी अस्पताल (आरजीएच) लाने के बाद भी वहां पर उसका प्राथमिक इलाज किये बिना ही वहां से लौटा दिया गया था. जिससे अंतत: इस नाबालिग की मोत हो गयी थी.
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बनायी है फैक्ट फाइंडिंग टीम
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मामले की सच्चाई जानने के लिए फैक्ट फाइडिंग टीम का गठन किया है. इस टीम ने सोमवार को बिसरा थाना अंचल में जाकर मृत नाबालिग के परिजनों से मुलाकात कर सारी जानकारी ली थी. इसमें नाबालिग के इलाज को लेकर पुलिस से लेकर कई अस्पतालों की शर्मसार करनेवाली बातें सामने आयी है. इसके बाद मंगलवार को इस टीम ने राउरकेला सरकारी अस्पताल (आरजीएच) के निदेशक से इस मुद्दे को लेकर बातचीत की. इस बात पर नाराजगी जतायी गयी कि जब मृत नाबालिग के परिजन उसे इलाज के लिए यहां पर लेकर आये थे, तो उसकी प्राथमिक चिकित्सा क्यों नहीं की गयी. उसका प्राथमिक उपचार किये बिना उसे दूसरे अस्पताल कैसे रेफर किया गया.
मरीज को रेफर करने से पहले प्राथमिक उपचार का है नियम
कांग्रेस की टीम ने नियमों का हवाला देकर कहा कि यदि सरकारी अस्पताल से किसी मरीज को रेफर किया जाता है, तो पहले उसका प्राथमिक इलाज किया जाता है. इसके बाद यदि उसे ञक्सीजन की जरूरत है अथवा अन्य किसी सहायक चिकित्सा उपकरण की जरूरत है, तो इसे लगाकर मरीज को अन्य अस्पताल भेजना चाहिए. लेकिन यहां पर ऐसा नही किया गया है. जिससे इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. इस बातचीत में कमेटी की सदस्य सुनीता बिस्वाल, गोरेटी खेस, कल्पना आपट, सुनीता लकड़ा, डीसीसी राउरकेला के उपाध्यक्ष इंजी. खदाल सेठी, बीएन पटनायक, ज्ञानेंद्र दास, जिला उपाध्यक्ष विनोद राउत, पीसीसी सदस्य रंजीता मल्लिक, डीसीसी सचिव राकेश बेहुरिया शामिल थे. इसके साथ यह कमेटी इस मामले को लेकर राउरकेला एसपी से भी मिलने पहुंची, लेकिन एसपी के नहीं होने से मुलाकात नहीं हो पायी. कमेटी की ओर से अपनी रिपोर्ट पीसीसी अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय महिला कांग्रेस कमेटी को सौंपी जायेगी.
