Sundargarh News: ओडिशा सरकार ने खनिज निधि से निकाले 5,000 करोड़, जिले में कल्याण योजनाएं ठप : योगेश सिंह

Sundargarh News: सुंदरगढ़ विधायक ने राज्य सरकार की ओर से खनिज निधि से 5000 करोड़ निकाले जाने से विकास कार्य बाधित होने का आरोप लगाया.

Sundargarh News: सुंदरगढ़ विधायक योगेश कुमार सिंह ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने ओडिशा खनिज क्षेत्र विकास निगम (ओम्बाडसी) की निधि से 5000 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया है, जिससे खनन प्रभावित इलाकों की कई जरूरी योजनाएं बंद हो गयी हैं.

मार्च और सितंबर 2025 में लिया पांच हजार करोड़ ऋण

विधायक सिंह के मुताबिक पिछले विधानसभा सत्र में पूछे गये सवाल के जवाब में इस्पात एवं खान मंत्री ने खुद स्वीकार किया कि राज्य सरकार ने ओम्बाडसी निधि से मार्च 2025 में 2230 करोड़ रुपये और सितंबर 2025 में 2270 करोड़ व 600 करोड़ रुपये बतौर ऋण लिया है. योगेश सिंह ने कहा कि फंड की कमी से सुंदरगढ़ जिले में चल रही कई जन कल्याणकारी योजनाएं रुक गयी हैं. बाइक एंबुलेंस सेवा 2021 में शुरू की गयी थी. यह सेवा कोइड़ा, गुरुंडिया और राजगांगपुर जैसे दुर्गम पहाड़ी इलाकों में वरदान साबित हुई थी. सड़क नहीं होने से बीमार और गर्भवती महिलाओं को खाट पर लादकर अस्पताल ले जाया जाता था. ओम्बाडसी की राशि से चलने वाली इस सेवा ने पांच साल में हजारों जानें बचायीं, लेकिन मार्च 2025 में फंड बंद होने से इसे रोक दिया गया.

727 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 30 फीसदी का काम रुका

योगेश सिंह ने कहा कि जिले में बन रहे 727 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 30 फीसदी का काम रुक गया है. वहीं 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा के नयी परियोजनाओं के प्रस्ताव भी अटके पड़े हैं. विधायक ने आरोप लगाया कि यह साफ दिखाता है कि राज्य सरकार खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को कितना महत्व देती है. उन्होंने कहा कि सैकड़ों गांव आज भी सड़क से नहीं जुड़े हैं. बाइक एंबुलेंस बंद होने से लोग फिर ट्रॉली पर मरीज ढोने को विवश हैं. ओम्बाडसी का गठन खासतौर पर खनन प्रभावित जिलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं देने के लिए किया गया था. विधायक ने मांग की कि फंड तुरंत जारी कर बंद पड़ी योजनाओं को फिर शुरू किया जाये.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >