Rourkela News: भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम शहीद भगत सिंह, शुकदेव और राजगुरु का 95वां बलिदान दिवस सोमवार को मनाया गया. राउरकेला के छेंड कॉलोनी में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाइएफआइ), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ), सुंदरगढ़ जिला कमेटी और शहीद भगत सिंह मेमोरियल कमेटी की ओर से माल्यार्पण किया गया और श्रद्धांजलि समारोह आयोजित हुआ.
1931 में ब्रिटिश सरकार ने शहीद भगत सिंह, शुकदेव और राजगुरु को दी थी फांसी
शहीद भगत सिंह मेमोरियल कमेटी के चेयरमैन और जाने-माने मजदूर नेता विष्णु मोहंती ने कार्यक्रम में शामिल होकर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद भगत सिंह का योगदान इतिहास के पन्नों में हमेशा अमर रहेगा. इतिहास को चाहे कितना भी तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाये, भारत के लोगों, खासकर युवाओं के बीच शहीद भगत सिंह की लोकप्रियता ने उन्हें फांसी के 95 साल बाद आज भी उनके जेहन में जिंदा रखा है. आज ही के दिन 1931 में ब्रिटिश सरकार ने शहीद भगत सिंह, शुकदेव और राजगुरु को फांसी दी थी. कार्यक्रम में मेमोरियल कमेटी के वाइस प्रेसिडेंट चंद्रभानु दास ने स्वागत भाषण दिया, जबकि मेमोरियल कमेटी के सेक्रेटरी राज किशोर ने मुख्य कार्यक्रम का संयोजन किया. जनरल सेक्रेटरी विश्वजीत माझी ने कार्यक्रम का संचालन किया.
युवाओं से देश के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया
डीवाइएफआइ के जिलाध्यक्ष शेखर शर्मा की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर जाने-माने इतिहासकार प्रोफेसर डॉ प्रभात मलिक ने आज के युवाओं से शहीद भगत सिंह के आदर्शों से प्रेरित होकर देश के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया. वरिष्ठ अधिवक्ता सुजय पानी, गुरुद्वारा की मैनेजिंग कमेटी के संतोक सिंह ने विचार व्यक्त किये और शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी. कार्यक्रम में वरिष्ठ श्रमिक नेता जहांगीर अल्ली, विमान माइती, बसंत नायक, बीपी महापात्र, शकुंतला महाकुड़, हृदयानंद यादव, सीपीआइएम जिला सचिव मंडली के सदस्य श्रीमंत बेहेरा, सुरेंद्र दाश, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, दलजीत सिंह, सीसीयूए के संगठक भागीरथी टुडू, श्रमिक नेता प्रदीप सेठी, एनएन पानीग्रही, सचिन रॉय, कुलमणि राउत, रत्नाकर नायक, अशोक मिश्रा, बसुदेव साहू, लक्ष्मीधर नायक, प्रभात मोहंती, दिवाकर महाराणा, उज्ज्वल प्रदीप दास, अरुण महाराणा, समाजसेवी भरत बाई, परेश विश्वाल, सुनील पटनायक, युवा नेता सत्यम तांती, वकील संतोष विश्वाल, प्रमोद बारिक, अशोक दास, आदित्य नायक, सी दिवाकर राव, प्रमोद परिडा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
