Rourkela News: विकास की बाट जोह रहा है राउरकेला स्टेशन का सेकेंड इंट्री गेट, न पानी है, न ही शौचालय की व्यवस्था

Rourkela News: राउरकेला रेलवे स्टेशन का सेकेंड इंट्री गेट मौलिक सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है. यहां यात्री सुविधाएं नदारद हैं.

Rourkela News: दक्षिण-पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक सौमित्र मजूमदार ने पदभार संभालने के बाद पहली बार राउरकेला स्टेशन का दौरा किया. इस दौरान मीडिया से बातचीत के क्रम में उन्होंने सेकेंड इंट्री गेट को विकसित करने की बात करने के साथ इसका खाका जल्द तैयार करने का भरोसा दिया है. इस योजना पर जल्द से जल्द काम किया जाये, तो सेकेंड इंट्री गेट की सुंदरता बढ़ने के साथ इस गेट से आना-जाना करने के लिए यात्री भी आकर्षित होंगे. लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो सेकेंड इंट्री गेट की हालत बद से बदतर होती जायेगी, इसमें दो राय नहीं है.

शौचालय में लटक रहा ताला, चारों तरफ कचरे का अंबार

राउरकेला स्टेशन के सेकेंड इंट्री गेट का उद्घाटन करने के बाद यहां पर आरक्षित, अनारक्षित बुकिंग काउंटर, शौचालय, प्याऊ, स्टैंड, लिफ्ट आदि की सुविधा की गयी थी. लेकिन काेरोना काल के समय टिकट बुकिंग काउंटर बंद हो गया था. जिसके बाद इसे हाल ही में पुन: खोला गया है. यह काउंटर अब सुबह छह से रात के 10 बजे तक खुलता है, लेकिन यहां पर साफ-सफाई से लेकर यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. यहां पर सार्वजनिक प्याऊ है, लेकिन वह बंद पड़ा है. शौचालय में भी ताला जड़ा हुआ है. इसके अलावा लिफ्ट भी कभी चलती है, तो कभी नहीं. वहीं सेकेंड इंट्री गेट पर जहां-तहां कचरा व गंदगी बिखरी पड़ी है. यहां तक कि स्टेशन में साफ सफाई करनेवाले कर्मचारी भी संग्रह किया गया कचरा झारसुगुड़ा छोर की ओर बने फुट ओवर ब्रिज से नीचे फेंक देते हैं. जिससे सेकेंड इंट्री गेट की सुंदरता को बट्टा लग रहा है.

सेकेंड इंट्री गेट विकसित होने पर मुख्य गेट पर भीड़ होगी कम

स्थानीय निवासी दीपू दास ने कहा कि राउरकेला रेलवे स्टेशन का सेकेंड इंट्री गेट विकसित किया जाये, तो रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर यात्रियों की भीड़ कम होगी. यहां पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्याऊ व शौचालय को शुरू करने के साथ साफ-सफाई को दुरुस्त करने की जरूरत है. एक अन्य निवासी बुधन दास ने कहा कि इस गेट पर बसंती कॉलोनी, छेंड कॉलोनी, मालगोदाम से लेकर सेक्टर अंचल के यात्री निर्भर हैं. लेकिन प्लेटफॉर्म पांच की लिफ्ट नहीं चलने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने, शौचालय व प्याऊ बंद रहने से यात्री परेशान होते हैं.

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