Bhubaneswar News: राउरकेला, बालेश्वर, भद्रक व जाजपुर समेत कई इलाकों में नदियां उफान पर, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश

Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार ने शनिवार को बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिले के अधिकारियों को बाढ़ की चेतावनी को लेकर उच्च सतर्कता बरतने का निर्देश दिया.

Bhubaneswar News:ओडिशा सरकार ने शनिवार को बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिले के अधिकारियों को ‘उच्च सतर्कता’ बरतने का निर्देश देते हुए कई नदियों में उफान के मद्देनजर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का आदेश दिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. राज्य बाढ़ प्रकोष्ठ के अनुसार, जलाका और वैतरणी नदियां पहले ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जबकि बालासोर जिले में सुवर्णरेखा नदी भी खतरे के निशान को पार कर चुकी है.

स्वर्णरेखा, जलाका और वैतरणी नदियों का जलस्तर बढ़ा

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि मयूरभंज और क्योंझर जिलों में भारी बारिश के कारण स्वर्णरेखा, जलाका और वैतरणी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि मयूरभंज जिले में पिछले 24 घंटों में 94 मिमी बारिश दर्ज की गई और इसमें भी जिले के 13 प्रखंडों में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई. अधिकारी ने बताया कि जलाका और वैतरणी जल संग्रहण क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई, जिससे जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई. उन्होंने बताया कि बालासोर जिले के कई निचले इलाके पहले ही जलमग्न हो चुके हैं तथा रविवार को स्थिति और खराब हो सकती है. जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता चंद्रशेखर पाढ़ी ने बताया कि उत्तरी ओडिशा के जिले बालेश्वर, मयूरभंज, भद्रक और निकटवर्ती जाजपुर जिले पहले ही बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन महानदी नदी प्रणाली में अब बाढ़ का कोई खतरा नहीं है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने अपने मौसम पूर्वानुमान में बताया कि रविवार को बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, जगतसिंहपुर, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल, ढेंकनाल, क्योंझर और मयूरभंज जिलों के कुछ स्थानों पर 40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवा के साथ आकाशीय बिजली गिरने के साथ तूफान आने की संभावना है.

बालू घाट बस्ती के करीब 90 मकान पानी की जद में, लोगों को हटाया गया

राउरकेला. राउरकेला में ब्राह्मणी नदी उफान पर है. वहीं मंदिरा डैम के नौ गेट खोल दिये जाने से नदी का जल स्तर बढ़ गया है. नदी के तटीय इलाकों में माइक से प्रचार किया गया. बालू घाट बस्ती के करीब 90 मकान पानी की जद में होने से वहां के लोगों को स्कूल भवन में आश्रय दिया गया है. शनिवार को मंदिरा डैम के नौ गेट को आठ-आठ फीट तक खोल दिया गया है. दोपहर दो बजे तक ब्राह्मणी नदी का पानी खतरे के निशान के नौ मीटर तक पहुंच चुका था. विस्तृत पढ़ें पेज 04 पर

सुवर्णरेखा का जलस्तर और बढ़ने की आशंका

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता चंद्रशेखर पाढ़ी ने कहा कि बालेश्वर जिले के बस्ता, भोगराई, जलेश्वर और बलियापाल प्रखंडों में रविवार को बाढ़ आने की आशंका है, क्योंकि सुवर्णरेखा नदी का जल स्तर खतरे के निशान 10.36 मीटर के मुकाबले 11 मीटर से ऊपर पहुंचने की आशंका है. बालेश्वर जिला प्रशासन ने बस्ता प्रखंड से कई लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है तथा प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई शुरू की है.

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Published by: Bipin kumar yadav

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