Bhubaneswar News: केंद्र व राज्य सरकार की परियोजनाएं ढेंकानाल को देंगी नयी दिशा : धर्मेंद्र प्रधान

Bhubaneswar News: ढेंकानाल के कामाख्यानगर में 133 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया.

Bhubaneswar News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को ओडिशा के ढेंकानाल जिले के कामाख्यानगर में लगभग 133.65 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इनमें से प्रमुख परियोजना केंद्रीय विद्यालय, कामाख्यानगर है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयास से शुरू हुई ये परियोजनाएं ढेंकानाल के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होंगी.

10 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज का किया लोकार्पण

केंद्रीय मंत्री ने सर्वप्रथम कामाख्यानगर बाइसिंगा में नेशनल हाइवे-53 के कामाख्यानगर बाइपास स�� डुबुरी सेक्शन के बीच 10.65 करोड़ की लागत से बने एक ओवरब्रिज का लोकार्पण किया. इसके बाद, उन्होंने महिला कॉलेज परिसर में केंद्रीय विद्यालय, कामाख्यानगर के अस्थायी परिसर का उद्घाटन किया और जंतारिबोल में 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्थायी विद्यालय भवन की आधारशिला रखी. इस अवसर पर उन्होंने ओडिशा सरकार की ओर से 93 करोड़ रुपये की लागत की 22 अन्य विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन एवं शिलान्यास किया.

अनेक स्वतंत्रता सेनानियों की कर्मभूमि रहा है ढेंकानाल : प्रधान

श्री प्रधान ने कहा कि ढेंकानाल को प्राचीन काल से वीरों की भूमि के रूप में जाना जाता है. यह भूमि शहीद बाजी राउत, वैष्णव चरण पटनायक, गढ़जात गांधी सारंगधर दास, महेश चंद्र सुभाऊ सिंह और मूषा मलिक जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की कर्मभूमि रहा है. यहां आदर्श विद्यालय, एकलव्य आवासीय विद्यालय और राज्य सरकार के स्किल डेवलपमेंट विभाग की संस्थाएं पहले से हैं. अब केंद्रीय विद्यालय का सपना भी साकार हुआ है. उन्होंने कहा कि कामाख्यानगर का यह केंद्रीय विद्यालय भविष्य में छात्रों को इन स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों और बलिदान से प्रेरित करेगा.

45,000 से अधिक प्री-प्राइमरी कक्षाओं को शिशु वाटिका में बदला गया

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय के अस्थायी परिसर में 2025-26 शैक्षणिक सत्र से पहली से पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई शुरू होगी. जिसमें 240 छात्रों का नामांकन किया जायेगा. ओडिशा सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राज्य में 45,000 से अधिक प्री-प्राइमरी कक्षाओं को शिशु वाटिका में बदला गया है. कामाख्यानगर के केंद्रीय विद्यालय में बच्चों को मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा दी जायेगी, जिससे उनके व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास होगा. श्री प्रधान ने बताया कि अगले 5 वर्षों में राज्य के सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जायेंगी, ताकि छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हो. इसके अलावा, राज्य की 6794 ग्राम पंचायतों में गोदावरीश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की जायेगी. राज्य सरकार माधो सिंह हाथ खर्च योजना लागू करेगी, ताकि विद्यालय छोड़ने की दर में कमी लायी जा सके.

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Published by: Bipin kumar yadav

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