Rourkela News: राउरकेला के जोल्डा में 10 जनवरी को नौ सीटर विमान की फोर्स लैंडिंग में घायल सुशांत बिस्वाल की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी. दुर्घटना के बाद वे राउरकेला के जेपी अस्पताल में भर्ती थे. बेहतर इलाज के लिए परिवार उन्हें एयरलिफ्ट करने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही उनकी मौत हो गयी.
10 जनवरी को हुआ था हादसा
इंडिया वन एयर के सेसना ग्रैंड कारवां इएक्स विमान में पिछले शनिवार को राउरकेला एयरपोर्ट पहुंचने से पहले तकनीकी खराबी आ गयी थी. जिस कारण पायलटों ने इस विमान की जोल्डा में फोर्स लैंडिंग करायी थी. इस हादसे में दो पायलटों और चार यात्रियों समेत कुल छह लोग घायल हुए थे. इस दुर्घटना में यह पहली मौत है. जिससे शोक की लहर दौड़ गयी है.
बहन के साथ लौट रहे थे राउरकेला, गंभीर रूप से हुए थे घायल
सुशांत बिस्वाल पिछले शनिवार को अपनी बहन अनीता साहू के साथ नौ सीटर विमान से राउरकेला लौट रहे थे. जोल्डा में विमान की फोर्स लैंडिंग में वे गंभीर रूप से घायल हुए थे. सभी घायलों का इलाज जयप्रकाश अस्पताल में किया जा रहा था. लेकिन बाद में दो घायलों सुनील अग्रवाल और सबीता अग्रवाल को हादसे के दूसरे दिन परिवार के निवेदन पर एयरलिफ्ट कर मुंबई ले जाया गया था. बाकियों का इलाज यहां चल रहा था. अस्पताल के संजय बंसल ने बताया कि सुशांत को एयरलिफ्ट करने की योजना थी. इसके लिए तैयारी भी चल रही थी. लेकिन चार बजे के आसपास उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया. दो बार सीपीआर भी दिया गया, लेकिन उनका निधन हो गया.
परिवार में पत्नी और दो बेटे
सुशांत बिस्वाल वेदव्यास के मंदिर रोड में रहते थे. परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं. बड़ा बेटा विश्वजीत बिश्वाल भुवनेश्वर के कीट में पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा सत्यजीत बिश्वाल झाड़तरंग स्थित संत अर्नोल्ड स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र है. सुशांत सुपरवाइजर के रूप में काम करते थे.
विमान में तकनीकी खराबी के कारण हुआ था हादसा
भुवनेश्वर से राउरकेला आ रहे इंडिया वन एयर के सेसना ग्रैंड कारवां इएक्स विमान में 10 जनवरी को उड़ान के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण पायलटों ने तत्काल एटीसी को स्थिति की जानकारी देकर सूझबूझ दिखाते हुए विमान की जोल्डा में कंसर गांव स्थित गड़ियाटोला क्षेत्र के एक खेत में दोपहर करीब 1:40 बजे आपात लैंडिंग करायी थी. लैंडिंग के दौरान विमान का दाहिना विंग पास के एक पेड़ की डाल से टकराने के कारण टूट गया था. जिसके बाद विमान जमीन से टकराते हुए करीब 100 मीटर तक घसीटता चला गया था. हादसे के तुरंत बाद गड़ियाटोली के ग्रामीणों ने राहत कार्य करते हुए यात्रियों को विमान से बाहर निकालकर प्राथमिक बचाव में मदद की थी.
दोनों पायलट समेत सभी यात्री हुए थे घायल
इस दुर्घटना में विमान चालक कैप्टन नवीन कडंगा (पीआइसी), कैंप्टन तरुण श्रीवास्तव (एफओ), पैसेंजर सुशांत कुमार बिस्वाल, अनीता साहू, सुनील अग्रवाल तथा सबीता अग्रवाल घायल हुए थे. सभी को राउरकेला के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इनमें से सुनील अग्रवाल व सबीता अग्रवाल को हादसे के अगले दिन रविवार को एयरलिफ्ट कर मुंबई ले जाया गया था.
फोर्स लैंडिंग की अभी चल रही है जांच
हादसे के बाद डीजीसीए की टीम इसकी जांच में जुटी है. अभी जांच चल रही है और रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है. अलग-अलग बिंदुओं से मामले की जांच की जा रही है.
जेपी अस्पताल ने जारी किया बयान
जेपी अस्पताल ने सुशांत कुमार बिस्वाल (47) की मौत को लेकर प्रेस बयान जारी किया है. इसके अनुसार, 10 जनवरी को विमान की फोर्स लैंडिंग के समय घायल बिस्वाल का यहां इलाज चल रहा था. उनकी हालत गंभीर थी और वे हृदय और गुर्दे की विफलता से ग्रसित थे. मरीज के फेफड़ों में संक्रमण हो गया था, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गयी. जयप्रकाश अस्पताल और भुवनेश्वर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही थी. बेहतर इलाज के लिए मरीज को मुंबई स्थानांतरित करने की योजना बनायी गयी थी. लेकिन एयरलिफ्ट किये जाने से पहले ही उसे दिल का दौरा पड़ा और वह बेहोश हो गया. चिकित्सा दल ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके. अंततः, शनिवार को शाम 4:23 बजे मरीज को मृत घोषित कर दिया गया. जेपी अस्पताल प्रबंधन ने उनकी मौत पर शोक जताने के साथ शोकसंतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है.
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