Rourkela News: एनआइटी राउरकेला ने 100 से अधिक स्वीकृत पेटेंट का आंकड़ा पार किया

Rourkela News: एनआइटी ने अनुसंधान और नवाचार यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए 100 से अधिक स्वीकृत पेटेंट का आंकड़ा पार किया.

Rourkela News: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) राउरकेला भारत में नवाचार-प्रेरित अग्रणी संस्थान के रूप में अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है. अब तक संस्थान ने कुल 230 पेटेंट दाखिल किये हैं, जिनमें 218 राष्ट्रीय और 12 अंतरराष्ट्रीय आवेदन शामिल हैं. इनमें से 101 पेटेंट स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें 97 राष्ट्रीय और चार अंतरराष्ट्रीय पेटेंट शामिल हैं, जो संस्थान के अनुसंधान एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

2025 में 23 पेटेंट स्वीकृत हुए

पिछले कुछ वर्षों में एनआइटी राउरकेला ने पेटेंट दाखिल करने और स्वीकृत होने की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है. पेटेंट की जांच और स्वीकृति में सामान्यतः लगने वाले समय को देखते हुए, वर्ष 2025 में दाखिल आवेदनों में हुई वृद्धि का प्रभाव वर्तमान तथा आने वाले वर्षों में और अधिक दिखायी देने की उम्मीद है. केवल वर्ष 2025 में ही संस्थान को 23 पेटेंट स्वीकृत हुए, जो पिछले वर्षों की तुलना में वृद्धि को दर्शाता है.

प्रमुख नवाचार क्षेत्र:

1.) एआइ-आधारित वाहन संचार प्रणाली2.) स्वायत्त ड्रोन प्रौद्योगिकियां

3.) औद्योगिक अपशिष्ट उपचार प्रोटोटाइप4.) स्वास्थ्य निगरानी के लिए आइओटी उपकरण5.) टिकाऊ खाद्य पैकेजिंग प्रौद्योगिकी6.) अपशिष्ट संसाधनों से विकसित उन्नत सामग्री

100 से अधिक पेटेंट पार करना महत्वपूर्ण उपलब्धि

इस उपलब्धि पर बोलते हुए एनआइटी राउरकेला के निदेशक प्रो के उमामहेश्वर राव ने कहा कि 100 से अधिक स्वीकृत पेटेंट प्राप्त करना एनआइटी राउरकेला की अनुसंधान, नवाचार और बौद्धिक संपदा के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. अब तक 230 से अधिक पेटेंट दाखिल और 101 पेटेंट स्वीकृत होना, एआइ-आधारित प्रौद्योगिकी, सस्टेनेबल मटेरियल, स्वास्थ्य एवं बायोमेडिकल समाधान, सेमीकंडक्टर तथा जल अनुसंधान जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में हमारे शोधकर्ताओं के प्रभावशाली कार्य को दर्शाता है. केवल 2025 में ही 91 पेटेंट आवेदन दाखिल किये गये, जिससे नवाचार-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के हमारे प्रयास तेज हुए हैं और आने वाले वर्ष में स्वीकृत पेटेंट की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखते हुए हम विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण में सार्थक योगदान देना चाहते हैं.

सीआइपीआर उपलब्ध कराता है मंच

संस्थान के संकाय सदस्यों को उनके नवाचारों और तकनीकों की सुरक्षा के लिए पेटेंट दाखिल करने में सहायता प्रदान करने में एनआइटी राउरकेला का सेंटर फॉर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (सीआइपीआर) एक समग्र मंच के रूप में कार्य करता है. यह संस्थान के भीतर और बाहर बौद्धिक संपदा के प्रति जागरुकता और क्षमता निर्माण, संकाय और छात्रों से प्राप्त आइपी प्रस्तावों की समीक्षा और अनुमोदन, पेटेंट दाखिल, परीक्षण एवं स्वीकृति प्रक्रियाओं में सहायता करता है.

एक शोधार्थी, एक पेटेंट के मंत्र से मिल रही सफलता

एनआइटी राउरकेला के प्रो सुजीत सेन (अध्यक्ष, सीआइपीआर) ने कहा कि 2022 में निदेशक प्रो के उमामहेश्वर राव द्वारा स्थापित सीआइपीआर का उद्देश्य संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा और रैंकिंग को सुदृढ़ करना, उद्योग सहयोग को बढ़ावा देना तथा नवाचारी और मौलिक समाधानों के आविष्कारकों को प्रोत्साहित करना है. एक शोधार्थी, एक पेटेंट जैसी पहल से सकारात्मक परिणाम मिले हैं और 100 से अधिक स्वीकृत पेटेंट प्राप्त करने में मदद मिली है. वर्ष 2026 में हमारा लक्ष्य कम से कम 200 पेटेंट दाखिल करना है तथा आने वाले तीन वर्षों में ‘प्रतिदिन एक पेटेंट’ हासिल करने का लक्ष्य है.

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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