सुंदरगढ़ | एक तरफ ओडिशा सरकार बच्चों को यूजी से पीजी तक नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, दूसरी तरफ स्कूलों में शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव इन दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है. सुंदरगढ़ जिले के टांगरपाली ब्लॉक स्थित डोंगाघाट सरकारी प्राइमरी स्कूल की जमीनी हकीकत राज्य में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली दिखा रही है.
पहली से छठी कक्षा के बच्चों को पढ़ा रहीं एकमात्र शिक्षिका
डोंगाघाट सरकारी प्राइमरी स्कूल में जहां एक तरफ शिक्षक की कमी है, तो दूसरी तरफ स्कूल का जर्जर भवन बच्चों के जीवन के लिए खतरा उत्पन्न कर रहा है. स्कूल में एकमात्र शिक्षिका के कंधे पर पहली से छठी कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी है. शिक्षिका जब एक कक्षा के बच्चों को पढ़ा रही होती हैं, तो बाकी के पांच कक्षाओं के बच्चे अपनी बारी का इंतजार कर रहे होते हैं या फिर आपस में बातचीत कर समय गुजार रहे होते हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिलेगी.
बच्चों को पढ़ाने के साथ ही स्कूल व ऑफिस के काम संभालने की भी जिम्मेदारी
डोंगाघाट सरकारी प्राइमरी स्कूल में नर्सरी से पांचवीं क्लास तक करीब 30 बच्चे पढ़ रहे हैं. पहले यहां दो शिक्षिका थीं. लेकिन एक शिक्षिका के सेवानिवृत्त होने के बाद उनकी जगह कोई नया शिक्षक नहीं आया है. इसलिए अब सभी क्लास को पढ़ाने की जिम्मेदारी एक ही शिक्षिका पर है. चूंकि एक शिक्षिका को एक ही समय में इतनी सारी क्लास को पढ़ाना पड़ता है, इसलिए सभी क्लास एक साथ पढ़ रही है. इस वजह से नर्सरी से लेकर सीनियर क्लास तक सभी को एक ही अध्याय सुनना पड़ता है. पढ़ाने के साथ-साथ शिक्षिका को स्कूल व ऑफिस का काम भी संभालना पड़ता है, जिससे पढ़ाने में दिक्कतें आ रही हैं.
स्कूल भवन जर्जर, क्लासरूम में टपकता है पानी
शिक्षकों की कमी तो है ही, स्कूल की जर्जर हालत भी चिंता का विषय है. बारिश होने पर क्लासरूम की छत से पानी क्लासरूम में टपकता है. ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं. अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल में खाली शिक्षकों के पद तुरंत भरे जायें, छत की मरम्मत की जाये और जरूरी संरचना का विकास किया जाये.
डीइओ ने दो दिन में शिक्षक उपलब्ध कराने का दिया आश्वासन
जिला शिक्षा अधिकारी से इस बारे में पूछे जाने पर उनका कहना है कि डोंगाघाट स्कूल में करीब 30 विद्यार्थीं हैं. पहले यहां दो शिक्षक थे. एक के रिटायर हो जाने की वजह से शिक्षकों की कमी है. इस दिक्कत को दूर करने के लिए नये शिक्षकों का इंतजाम किया गया है. ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की तरफ से एक शिक्षक दिया जायेगा और वह अगले दो दिन में स्कूल में ज्वाइन कर लेगा. अब देखना यह है कि शिक्षा अधिकारी के वादे के मुताबिक स्कूल में नया शिक्षक कब आता है और पढ़ाई में कितना सुधार होता है.
