झारसुगुड़ा: जिले में कुल 178 विद्यालयों के 334 कमरों को खतरनाक घोषित किया गया है. इनमें से पहले चरण में 66 स्कूलों के 113 जर्जर भवनों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. राज्य सरकार ने वर्ष 2013 से ही खतरनाक स्कूल भवनों को गिराने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था.
हाईकोर्ट ने भी स्कूल भवनों की सुरक्षा जांच का दिया था निर्देश
ओडिशा हाईकोर्ट ने सभी विद्यालयों के भवनों की सुरक्षा जांच कराने का निर्देश दिया था. इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में जिला शिक्षा अवसंरचना सुरक्षा ऑडिट समिति गठित करने तथा प्रधानाध्यापकों को जर्जर दीवार और छत की जानकारी बीडीओ को देने के निर्देश दिये गये थे.
हालांकि, भवनों को गिराने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई में देरी हुई. अब राशि की व्यवस्था होने के बाद जर्जर भवनों को गिराने का काम शुरू किया गया है.
दो चरणों में गिराये जायेंगे जर्जर भवन
जिला शिक्षा अधिकारी राधाकांत गड़डिया ने बताया कि राशि की व्यवस्था होने के बाद जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. जिले में यह कार्य दो चरणों में किया जायेगा.
लखनपुर में सबसे अधिक जर्जर कमरे
आंकड़ों के अनुसार, लखनपुर ब्लॉक में सबसे अधिक 44 स्कूलों के 81 कमरे जर्जर हैं. इसके बाद झारसुगुड़ा ब्लॉक में 35 स्कूलों के 67, लैयकेरा में 33 स्कूलों के 70, किर्मिरा में 28 स्कूलों के 48, कोलाबीरा में 18 स्कूलों के 28, झारसुगुड़ा नगरपालिका क्षेत्र में 14 स्कूलों के 27, ब्रजराजनगर नगरपालिका में 5 स्कूलों के 7 तथा बेलपहाड़ नगरपालिका क्षेत्र में 2 स्कूलों के 6 कमरे खतरनाक पाये गये हैं.
पहले चरण में लखनपुर के 27 स्कूलों पर कार्रवाई
पहले चरण में लखनपुर के 27 स्कूलों के 49 कमरों को गिराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रत्येक कमरे को गिराने पर लगभग 30 से 40 हजार रुपये खर्च किये जा रहे हैं.
