Bhubaneswar News: परीक्षा के मौसम में विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किये गये कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ ने देशभर के छात्रों को सकारात्मक दिशा दी है. इसी क्रम में शुक्रवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर के यूनिट-1 स्थित सरकारी उच्च विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ मिलकर ‘परीक्षा पे चर्चा–2026’ का सजीव प्रसारण देखा.
परीक्षा की तैयारी और पढ़ाई के दौरान मानसिक संतुलन बनाये रखने पर जोर
मुख्यमंत्री ने छात्रों से संवाद करते हुए परीक्षा की तैयारी और पढ़ाई के दौरान मानसिक संतुलन बनाये रखने पर जोर दिया. कहा कि दबाव में नहीं, बल्कि धैर्य के साथ पढ़ाई करने से ही बेहतर परिणाम मिलते हैं. आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है और यह सत्यनिष्ठा व निरंतर प्रयास से विकसित होता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के लिए किसी विशेष आरामदायक वातावरण की आवश्यकता नहीं होती. यदि सीखने की सच्ची इच्छा और सकारात्मक मानसिकता हो, तो हर वातावरण अनुकूल बन जाता है. उन्होंने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्ष, सफलता और जीवन कौशल से सीख लेने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए और भविष्य को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना जरूरी है.
बच्चों को उनकी क्षमता, योग्यता और रुचि के अनुसार प्रोत्साहित करें अभिभावक
अभिभावकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को उनकी क्षमता, योग्यता और रुचि के अनुसार प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. बच्चों का चारित्रिक विकास, अनुशासन और नैतिक मूल्य पारिवारिक वातावरण में ही विकसित होता हैं. उन्होंने अभिभावकों से बचपन से ही नैतिक शिक्षा देने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि परीक्षा परिणाम को जीवन की सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं मानना चाहिए. ज्ञान अर्जन का मार्ग ही वास्तविक और स्थायी सफलता की ओर ले जाता है. अधिक अंक पाने को ही सफलता समझने की धारणा गलत है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि परीक्षाओं को तनाव के साथ नहीं, बल्कि मुस्कान और आत्मविश्वास के साथ स्वीकार करें. कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को आगामी वार्षिक परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अपने परिश्रम का उचित फल अवश्य मिलेगा और उनका आशीर्वाद सदैव छात्रों के साथ है. इस अवसर पर विद्यालय एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, ओसेपा परियोजना निदेशक अनन्या दास, विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक उपस्थित रहे.
परीक्षा पे चर्चा छात्रों के लिए बना सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक : धर्मेंद्र प्रधान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल ‘परीक्षा पे चर्चा’ देश के करोड़ों विद्यार्थियों को नयी दिशा दिखा रही है. प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये छोटे-छोटे सुझाव और सरल उदाहरण छात्रों के मन से परीक्षा का भय दूर कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं. केंद्रीय मंत्री शुक्रवार को नयी दिल्ली स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ की विशेष स्क्रीनिंग में शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने सहयोगी सांसदों, मंत्रियों और बड़ी संख्या में उपस्थित छात्रों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री मोदी के मास्टर क्लास को देखा और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया. परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण में दिये गये उपयोगी सुझावों के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए एक सशक्त मार्गदर्शक के रूप में उभरा है. यह कार्यक्रम केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के बौद्धिक और समग्र विकास पर केंद्रित है.
