Sambalpur News: केंद्र सरकार की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) योजना के तहत पेंशन पाने वाले वृद्ध, विधवा और असहाय लाभार्थी पिछले दो महीनों से पेंशन राशि नहीं मिलने के कारण परेशानी में जीवनयापन कर रहे हैं. पेंशन जैसी बुनियादी सहायता के लिए बार-बार पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद आखिरकार 45 डिग्री गर्मी में लाभार्थी बामड़ा ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्या बताई. लेकिन वहां भी अधिकारियों की अनुपस्थिति और कार्यालय में ताला लटका मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई.
दवा, भोजन और दैनिक जरूरतें पूरी करने में परेशानी
बामड़ा ब्लॉक अंतर्गत जराबगा पंचायत की सैरेंद्री सुनानी, बिमला प्रधान, ज्योति दलेई, उर्मिला भैंसा, दीनबंधु भैंसा, पीत भैंसा, सौकी भैंसा, कुचना भुए, सत्यभामा नायक, जोसेफ डुंगडुंग, कैकेयी प्रधान, मनोज नायक, दुर्योधन प्रधान, लक्ष्मी नायक, सूर्य बलुआ, सुकुमारी नायक तथा बांसलगा पंचायत के कैलाश बेहरा समेत कई लाभार्थियों ने आरोप लगाया है कि अप्रैल और मई महीने की पेंशन राशि अब तक उनके खाते में नहीं आई है. कई लोगों के लिए यह पेंशन ही जीवन यापन का एकमात्र सहारा है. राशि नहीं मिलने से दवा, भोजन और दैनिक जरूरतें पूरी करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. लाभार्थियों के अनुसार, पहले वे पंचायत कार्यालय गए थे, लेकिन वहां से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. बाद में जब वे बामड़ा ब्लॉक कार्यालय पहुंचे, तब सुबह साढ़े 9 बजे तक बीएसएसओ कार्यालय में ताला लगा हुआ था और बीडीओ भी अनुपस्थित थे. लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिलने पर लोग निराश होकर लौट गये.
सरकारी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
इस घटना को लेकर क्षेत्र में भारी असंतोष है. गरीब, वृद्ध और असहाय लोगों के लिए सरकार लगातार कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुविधाएं नहीं पहुंच पाने से सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जिस पेंशन राशि पर इन लोगों का जीवन निर्भर है, उसी के लिए उन्हें कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. लोगों का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गरीबों के प्रति सरकारी संवेदनहीनता का उदाहरण है. इसको लेकर प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया है. सामाजिक सुरक्षा एवं दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग ने कहा है कि एनएसएपी योजना की डीबीटी प्रक्रिया में तकनीकी त्रुटि आने के कारण भुगतान में देरी हुई है. विभाग की ओर से अप्रैल और मई महीने की पेंशन एक साथ जारी करने की बात कही गई थी, लेकिन मई महीने के अंत तक भी कई लाभार्थियों को राशि नहीं मिलने से सरकारी दावों पर सवाल उठ रहे हैं. सामाजिक सुरक्षा जैसी संवेदनशील योजना में इस तरह की अव्यवस्था और लापरवाही ने गरीब लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है. आम लोगों ने सभी लाभार्थियों के खातों में जल्द पेंशन राशि जमा कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
