एडीएम सर! आनलाइन ब्यूटी एप से हमारी रोजी-रोटी पर पड़ रहा है असर, रोक लगवाएं

राउरकेला में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिलाओं ने ऑनलाइन ब्यूटी एप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संचालिकाओं ने गुरुवार को राउरकेला एडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया. साथ ही ज्ञापन सौंप कर इस तरह के एप पर रोक लगाने की मांग की गयी.

राउरकेला. शहर में अलग-अलग स्थान पर ब्यूटी पार्लर चलानेवाली संचालिकाओं ने एप बेस्ड सेलोन सर्विसेज ‘यस मैम’ से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होने की आशंका जतायी है. इस एप बेस्ड सर्विसेस पर रोक लगाने की मांग को लेकर शहर की दर्जनों ब्यूटी पार्लर संचालिकाएं गुरुवार को एडीएम कार्यालय पहुंचीं. एडीएम के नाम एक ज्ञापन सौंप कर ऑनलाइन एप बेस्ड सेलोन सर्विस से उनका कारोबार बुरी तरह से प्रभावित होने की बात कही. साथ ही इस पर रोक लगाने की मांग की है.

ऑफर देकर ग्राहकों को लुभाया जा रहा

ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त एप बेस्ड सर्विसेस की ओर से ग्राहकों को तरह-तरह का ऑफर देकर लुभाया जा रहा है. जिससे लोकल स्तर पर ब्यूटी पार्लर व सेलोन चलानेवाली संचालिकाओं के कारोबार पर असर पड़ रहा है. जिससे वे अपने घर व दुकान का किराया, स्टाफ की सैलरी, बिजली का बिल, बच्चों की शिक्षा, पर्सनल लोन व बैंक की इएमआइ का भुगतान करने को लेकर परेशान हैं. साथ ही आशंका जतायी है कि इस तरह की ऑनलाइन सर्विसेस से लोकल स्तर पर ब्यूटी पार्लर चलाकर आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का गुजारा करने वाली ब्यूटी पार्लर संचालिकाओं को अपना पार्लर चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. इसे ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन सर्विस पर रोक लगाने की मांग की गयी है.

प्रदर्शन में ये रहीं शामिल

इस प्रदर्शन में सुनीता डी, ममता पति, राजेश बारिक, रूपाली मोहंती, पल्लवी विभार, सस्मिता मुदुूली, ममता पाणिग्राही, समितारानी, गायत्री सामल, कांदबिनी बेहेरा, अनिता दास, पदमावती बेहेरा, रुबी सिंह, पिंकी बेहेरा, संतोषी मल्लिक, मीनाक्षी दीप, पूजा स्वांई, पियाली मंडल, संताेषी बेहेरा, निशा कुमारी, प्रज्ञा प्रमिता किंडो, अनिता जेना, समेश्वरी नायक, कविता राउत, महाश्वेता पात्र व अन्य इस प्रदर्शन में शामिल थीं.

रोजी-रोटी पर पड़ा गहरा असर

एक ब्यूटी पार्लर संचालिका प्रियंका दास ने कहा कि पहले के मुकाबले क्लाइंट कम हो गये हैं. बहुत सारे पार्लर खुल गये हैं. पार्लर से ही हमारे बच्चों की शिक्षा-दीक्षा समेत घर-गृहस्थी का काम चलता है. जिससे यदि यह एप चलेगा, तो हमारी रोजी-रोटी पर इसका गहरा असर पड़ेगा. जिससे एडीएम सर से इस एप को बंद कराने की गुजारिश करते हैं. वहीं एक अन्य संचालिका रश्मिता रानी पंडा ने कहा कि यह ऑनलाइन एप चलने से हमारी रोजी-रोटी प्रभावित होगी. हमारे लिए स्टाफ के लिए सैलरी, दुकान का किराया समेत घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो जायेगा. जिससे इस तरह के एप को बंद किया जाना चाहिए. हम यही मांग लेकर एडीएम सर के पास आये हैं.

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