Bhubaneswar News: ओडिशा में मत्स्य एवं पशुधन क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने और किसानों की समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास विभाग की ओर से 21 से 23 जनवरी तक राज्य स्तरीय ‘मत्स्य-प्राणी समावेश ओडिशा’ का आयोजन किया जा रहा है. यह भव्य कार्यक्रम भुवनेश्वर के जनता मैदान में आयोजित होगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी करेंगे, जबकि समापन समारोह में राज्यपाल डॉ हरि बाबू कंभमपति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे.
विकसित ओडिशा के लिए मत्स्य एवं पशुधन क्षेत्र में नवाचारी हस्तक्षेप है थीम
वेटरनरी कॉलेज ऑडिटोरियम में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने इसके बारे में विस्तृत जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन किसानों के लिए जागरुकता और समृद्धि का एक बड़ा मंच सिद्ध होगा. उन्होंने बताया कि राज्य को दूध, मांस, अंडा और मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है और यह आयोजन किसानों को नवीन तकनीकों से जोड़ने का माध्यम बनेगा. तीन दिवसीय इस समावेश की थीम ‘विकसित ओडिशा के लिए मत्स्य एवं पशुधन क्षेत्र में नवाचारी हस्तक्षेप’ है. प्रेस वार्ता में विभाग के प्रधान सचिव सुरेश कुमार वशिष्ठ, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा निदेशक विजय अमृत कुलांगे, मत्स्य निदेशक मोहम्मद सादिक आलम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
प्रत्येक प्रखंड से छह सफल किसानों और उद्यमियों को किया जायेगा सम्मानित
कार्यक्रम में राज्य के प्रत्येक ब्लॉक से 26 किसानों के हिसाब से कुल 8,164 मत्स्य और पशुधन किसान भाग लेंगे. इसके अतिरिक्त, प्रत्येक उपखंड से छह सफल किसानों और उद्यमियों को सम्मानित किया जायेगा, जिससे कुल 348 प्रगतिशील किसानों का अभिनंदन होगा. विभाग के 20 उत्कृष्ट अधिकारियों को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जायेगा. कार्यक्रम के दौरान 12 इंटरैक्टिव पैनल चर्चा सत्र आयोजित होंगे, जिनमें देश और विदेश के विशेषज्ञ भाग लेकर मत्स्य, पशुपालन और कृषि से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे. ‘आस्क द मिनिस्टर’ कार्यक्रम के तहत किसान सीधे मंत्री से अपनी समस्याएं और सुझाव साझा कर सकेंगे. जनता मैदान में तीन विशाल हैंगरों में 208 स्टॉलों की प्रदर्शनी लगायी जायेगी, जहां मत्स्य एवं पशुधन क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों, सरकारी योजनाओं और विभिन्न कंपनियों की नवाचारों को प्रदर्शित किया जायेगा. दो खुले हैंगरों में जीवित पशु और मछलियों का प्रदर्शन किया जायेगा, जिसमें बायो-फ्लॉक, केज कल्चर, उच्च उत्पादन देने वाली क्रॉसब्रीड गायें, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन बछड़े और पर्यावरण नियंत्रित पोल्ट्री हाउस जैसी तकनीकों का लाइव डेमो शामिल होगा.
दुग्ध किसानों को बेहतर नस्लों के बारे में जागरूक किया जा सकेगा
इस आयोजन के खास आकर्षण के रूप में हरियाणा से लाये जा रहे मुर्रा भैंसा बैल ‘सूरवीर’ और ‘इंदर’, आंध्र प्रदेश की पंगनूर गाय तथा गुजरात का कांकरेज बैल प्रदर्शित किये जायेंगे, जिससे दुग्ध किसानों को बेहतर नस्लों के बारे में जागरूक किया जा सकेगा. इसके अलावा वर्चुअल रियलिटी फार्म टूर, डॉग शो, पेट फैशन शो, पेंटिंग प्रदर्शनी, ड्रोन और लेजर शो, पोल्ट्री अनुभव जोन, पेट जोन, किड्स जोन और सेल्फी प्वाइंट जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी. सम्मेलन के उद्घाटन दिवस 21 जनवरी को सुबह 6:00 बजे कलिंगा स्टेडियम से जनता मैदान तक एक वॉकाथॉन का आयोजन भी किया जायेगा. विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद और पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनके विजेताओं को कार्यक्रम में सम्मानित किया जायेगा.
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