Sambalpur News: अनुगूल वन विभाग ने वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा और इंसानों और जंगली जानवरों के बीच टकराव रोकने के लिए जीव दया कार्यक्रम शुरू किया है. इसके तहत पिछले डेढ़ महीने में 13 शिकारी गिरफ्तार किये गये हैं और 10 बंदूकें जब्त की गयी हैं. विभाग ने कई हैंड ग्रेनेड भी बरामद किये हैं.
वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जंगलों में कर रहे कॉम्बिंग ऑपरेशन
जीव दया कार्यक्रम में अनुगूल वन मंडल के सात फॉरेस्ट ब्लॉक हैं, जिनमें अनुगूल, ढेंकनाल, आठमल्लिक, सतकोशिया, महानदी और आठगढ़ शामिल हैं. इन फॉरेस्ट ब्लॉकों में घने जंगल हैं और बड़ी संख्या में जंगली जानवर हैं. इसलिए वन और वन्यजीवों की सुरक्षा बहुत जरूरी हो गयी है. इस कार्यक्रम के तहत वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन कर रहे हैं और शक के दायरे में आने वाले घरों की तलाशी ली जा रही है. अगर किसी पर शक होता है, तो संबंधित व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार करके पूछताछ की जाती है. हर मंगलवार को डीएफओ और एसीएफ जंगलों के अंदर कॉम्बिंग कर रहे हैं. वे जंगल से सटे गांवों के लोगों से बात कर रहे हैं और इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि हाथी प्रभावित इलाकों में हाथी और इंसान दोनों को सुरक्षित रखने के लिए क्या किया जा सकता है.
25 से अधिक स्थानों पर हुई छापेमारी
रीजनल कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (आरसीसीएफ) संजय कुमार स्वांई ने बताया कि जीव दया कार्यक्रम के तहत अब तक 13 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है और 10 से ज्यादा देसी बंदूकें, बड़ी संख्या में हैंड ग्रेनेड, शिकार के लिए इस्तेमाल होने वाले बिजली के तार, रस्सियां, जानवरों का मांस, हिरण के सींग वगैरह जब्त किये गये हैं. 25 से ज्यादा स्थानों पर छापे मारे गये हैं. इधर, पर्यावरण प्रेमी प्रसन्न बेहेरा और अशोक शतपथी ने कहा कि इस समय जंगल और जानवरों की सुरक्षा वन विभाग के लिए एक तरह की चुनौती बन गयी है. अगर जीव दया कार्यक्रम को सही तरीके से लागू किया जाये, तो कुछ नतीजे जरूर मिलेंगे.
