पूरा देश कोरोनावायरस के कहर से हलकान है. हर रोज संक्रमण के नये मामलों में बड़ा उछाल आ रहा है. महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे अधिक मामले हैं. देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई इस जानलेवा वायरस से त्रस्त है. यहां का हाल ये है कि यहां अस्पतालों में 99 फीसदी आईसीयू बेड भर चुके हैं. जबकि 94 फीसदी वेंटिलेटर इस्तेमाल में लाए जा चुके हैं.
बृहनमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कोरोना महामारी पर 11 जून तक का एक आंकड़ा जारी किया है. जिसके अनुसार, मुंबई में 1181 आईसीयू बेड थे, जिनमें से केवल 14 बेड खाली बचे हैं, बाकी 1667 बेड भर चुके हैं.वेंटिलेटर का भी ऐसा ही कुछ हाल है. शहर में 530 वेटिलेटर मशीनें थीं, जिनमें से 497 (94%) का अभी उपयोग हो रहा है. केवल 33 वेंटिलेटर मशीन ही खाली है.
वहीं मुंबई में केवल 5260 ऑक्सीजन बेड्स हैं, जिसमें से 3986 (76%) का उपयोग हो रहा है. जबकि 1274 ऑक्सीजन बेड्स खाली हैं. यह जानकारी एडिशनल म्यूनिसिपल कमिशनर अश्विनी भिड़े ने ट्वीट करके दी है.सरकारी अधिकारियों के अनुसार, मुंबई के अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रवेश और दिशानिर्देशों का पालन करें और केवल गंभीर अवस्था वाले रोगियों को ही स्वीकार करें.
हालांकि, बीएमसी अधिकारियों ने कहा है कि उपलब्ध बिस्तरों की संख्या में वृद्धि होगी. गौरतलब है कि सरकारी आंकड़ो के मुताबिक, महाराष्ट्र में 101141 मामले हैं. इसमें अकेले 57 हजार से अधिक मामले हैं.
महाराष्ट्र में प्राइवेट लैब में कोरोना की जांच फीस आधी हुई
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राहत की खबर है. यहां प्राइवेट हॉस्पिटल में होने वाली कोरोना जांच की फीस पहले के मुकाबले आधी कर दी गयी है. शनिवार को महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने इसकी जानकारी दी .महाराष्ट्र 1 लाख से ज्यादा संक्रमित मामलों के बीच देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां प्राइवेट लैब में कोरोना की जांच फीस को कम किया गया. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्राइवेट लैब में ली जाने वाली 4500 रुपए की फीस बहुत ज्यादा थी. अब प्राइवेट लैब में जांच फीस को घटाकर 2200 रुपए कर दिया गया है.
Posted By: Utpal kant
