MP News: घायल बाघ पर हो रहा इलाज का असर, स्वास्थ्य में सुधार, दूसरे Tiger से झड़प में हो गया था घायल

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के संयुक्त निदेशक लवित भारती ने बताया कि इस बाघ का दूसरे बाघ के साथ भिड़ंत हो गई थी. बाघों की लड़ाई में यह गंभीर रूप से जख्मी हो गया था. उन्होंने कहा कि इसके शरीर में जख्म इतना गहरा था कि यह खड़ा भी नहीं हो पा रहा था. हालांकि अभी उसकी सेहत में सुधार हो रहा है.

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में घायल बाघ का इलाज करने के लिए डॉक्टरों की टीम जुटी है. जख्मी टाइगर का इलाज के लिए जबलपुर से बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में डॉक्टरों की एक टीम पहुंच कर इलाज कर रही है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के संयुक्त निदेशक लवित भारती ने बताया कि एक बाघ घायल हो गया था. उन्होंने बताया की एक अन्य बाघ से लड़ाई के दौरान यह घायल हो गया था, और शिकार न कर पाने के कारण कमजोर हो गया था. उन्होंने कहा कि बाघ बहुत ज्यादा घायल अवस्था में था. जख्म के कारण उसके शरीर में संक्रमण भी फैल गया था. पहले बाघ का शुरुआती इलाज किया गया. वन्य जीव डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया. डॉक्टरों का कहना है कि उसपर इलाज का असर हो रहा है. घायल बाघ अब खड़ा हो पा रहा है.

दूसरे बाघ से झड़प में हो गया था घायल
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के संयुक्त निदेशक लवित भारती ने बताया कि इस बाघ का दूसरे बाघ के साथ भिड़ंत हो गई थी. बाघों की लड़ाई में यह गंभीर रूप से जख्मी हो गया था. उन्होंने कहा कि इसके शरीर में जख्म इतना गहरा था कि यह खड़ा भी नहीं हो पा रहा था. वहीं, शिकार न करने के कारण बाघ बेहद कमजोर हो गया था. हालांकि, डॉक्टरों की दवा का असर बाघ पर पड़ा है, धीरे-धीरे उसके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. अब वो खड़ा होने लगा है.

डॉक्टरों की टीम ने किया रेस्क्यू
बांधवगढ़ नेशनल पार्क के पतौर वन क्षेत्र से घायल बाघ को रेस्क्यू किया गया है. फिलहाल उसे एक पिंजरे में रखा गया है.  टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि जब तक वो पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाता उसे बाड़े में ही रखा जाएगा.बता दें, वन अधिकारियों को खबर मिली थी कि बमेरा इलाके में नर बाघ बैठा हुआ है. इसके बाद हाथियों की मदद से बाघ को रेस्क्यू किया गया.फिलहाल डॉक्टरों की टीम घायल बाघ का इलाज कर रही है.

वीरांगना दुर्गावती बाघ अभयारण्य बना मप्र का सातवां टाइगर रिजर्व
इसी कड़ी में मध्य प्रदेश को बाघों के लिए एक नया संरक्षित क्षेत्र वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य मिला है. देश में सबसे अधिक बाघों की संख्या मध्य प्रदेश में है. राज्य का यह सातवां बाघ अभयारण्य होगा. मध्य प्रदेश में 2022 की पशुगणना में राज्य के बाघ स्टेट का दर्जा बरकरार रखा और प्रदेश में बाघों की संख्या 785 हो गई जो 2018 में 526 थी. एक अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वन्य पशुओं के संरक्षण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वीरांगना दुर्गावती बाघ अभयारण्य के तहत विभिन्न क्षेत्रों को अधिसूचित किया है. अब तक, मध्य प्रदेश छह बाघ अभयारण्यों कान्हा, बांधवगढ़, सतपुड़ा, पेंच, पन्ना और संजय-डुबरी का घर था.

भाषा इनपुट के साथ

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >