शहीद वरुण सिंह का पार्थिव शरीर जैसे ही भोपाल पहुंचा लगने लगे नारे 'भारत माता की जय', आज अंतिम संस्कार

फूलों से सुसज्जित सेना के वाहन में सिंह के पार्थिव शरीर को स्टेट हैंगर से हवाईअड्डे के पास स्थित उनके निवास इनर कोर्ट, सन सिटी में ले जाया गया, जहां पर उनके परिवार के सदस्यों ने विशेष धार्मिक अनुष्ठान किये.

Chopper Crash Updates : तमिलनाडु में कुन्नूर के पास हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए वायु सेना के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार को वायुसेना के एक विमान से बेंगलुरू से भोपाल पहुंचा. 17 दिसंबर को यानी आज उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ यहां बैरागढ़ स्थित विश्राम घाट पर किया जायेगा.

बताया जा रहा है कि उनके पार्थिव शरीर को स्टेट हैंगर भोपाल पहुंचने पर ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (सलामी गारद) दिया गया. इसके बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग एवं भोपाल की हुजूर सीट के विधायक रामेश्वर शर्मा, कलेक्टर अविनाश लवानिया, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर इरशाद वली सहित सेना और अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों ने स्टेट हैंगर पर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. चौहान दिवंगत सिंह के परिजन से भी मिले और उन्हें सांत्वना दी.

इसके बाद फूलों से सुसज्जित सेना के वाहन में सिंह के पार्थिव शरीर को स्टेट हैंगर से हवाईअड्डे के पास स्थित उनके निवास इनर कोर्ट, सन सिटी में ले जाया गया, जहां पर उनके परिवार के सदस्यों ने विशेष धार्मिक अनुष्ठान किये. इस दौरान पूरे रास्ते लोग तिरंगा लिए हुए और ‘वंदे मातरम’ एवं ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे. मुख्यमंत्री चौहान भी इस यात्रा में सम्मिलित हुए.

भोपाल को गर्व

सीएम चौहान ने कहा कि ग्रुप कैप्टन शौर्य देश कभी भुला नहीं सकता। वह प्रदेश और देशवासियों की स्मृति में सदैव जीवित रहेंगे. वरूण सिंह भारत माता के सच्चे सपूत थे. देश-प्रदेश और भोपाल को उन पर गर्व है. उन्होंने मौत को कई बार मात दी. वे देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए शौर्य की नई गाथाएं गढ़ गए. वे आज हमारे बीच नहीं हैं. मैं प्रदेशवासियों की ओर से शहीद ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह को श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूं.

हादसे में एकमात्र जीवित बचे थे ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह

गौर हो कि तमिलनाडु में कुन्नूर के पास आठ दिसंबर को हुए हेलीकॉप्टर हादसे में देश के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य कर्मियों की मौत हो गई थी. इस हादसे में एकमात्र जीवित बचे ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह का बेंगलुरू के सैनिक अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां बुधवार सुबह उनका निधन हो गया था.

अंतिम संस्कार आज

ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को दोपहर 11 बजे सैनिक सम्मान के साथ यहां बैरागढ़ स्थित विश्राम घाट पर किया जाएगा. दिवंगत वरूण सिंह तमिलनाडु के वेलिंगटन में सेवारत थे. उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चों के अलावा माता-पिता भी हैं. उनके पिता कर्नल (सेवानिवृत्त) के.पी. सिंह और माँ उमा सिंह भोपाल में एयरपोर्ट रोड, सन सिटी कॉलोनी में रहते हैं. सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी थे. करीब 20 साल पहले उनके पिता ने भोपाल में अपना निवास बनाया. ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह के छोटे भाई तनुज भी नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर हैं.

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