मध्यप्रदेश में पुलिस के डीजी रैंक के अधिकारी डीजी पुरुषोत्तम शर्मा को पद से हटा दिया गया है. पत्नी के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुरुशषोत्तम शर्मा के खिलाफ यह कार्रवाई की गयी है. हालांकि मामला सामने आने के बाद पुरुषोत्तम मिश्रा मे सफाई देते हुए कहा की हम दोनों की शादी के 32 साल हो चुके है. पर 2008 में मेरी पत्नी ने मेरे खिलाफ मेरी पत्नी ने शिकायत दर्ज करायी थी. पर फिर भी वो मेरे साथ मेरे घर में रह रही है और सभी सुख सुविधाओं का लाभ उठा रही है. इसके अलावा मेरे खर्चे पर वो विदेश यात्रा पर भी जाती है.
साथ ही पूर्व डीजी ने कहा कि अगर मेरा बर्ताव बुरा है तो उसे पहले ही शिकायत करना चाहिए था. यह मेरा घरेलू विवाद है और यह कोई अपराध नहीं है. यह दुर्भाग्यपुर्ण है कि मुझे यह करना पड़ा. मेरी पत्नी मुझे परेशान करती है और घर पर कैमरे भी लगा रखे हैं.
पहले पुरुषोत्तम शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था. वायरल वीडियो में स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा अपनी को बेरहमी से पीट रहे हैं. वीडियो में दिखाया गया है कि वो अपने घर के कमरे में जमीन में पटक कर अपनी पत्नी को मार रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए डीजी को बर्खास्त करने की मांग की थी.
इससे पहले वायरल वीडियो में डीजी कह रहे हैं कि वो मेरे कमरे में क्यों आयी. मेरी पत्नी ने मुझ पर कैंची से हमला किया है. जबकी पत्नी का आरोप है कि उन्होंने अपने पति को दूसरे महिला के साथ रंगेहाथ पकड़ा था. इसके बाद घर आकर उनके साथ मारपीट हुई. डीजी का कहना है कि वो इस संबंध से तंग आ चुके है और किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए तैयार हैं. इस मामले में पहले मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि मामले में लिखित शिकायत मिलने पर वो इस मामले को देखेंगे. डीजी के बेटे पार्थ गौतम शर्मा जो खुद एक आईएएस बताये जा रहे हैं उन्होंने इस मामले की शिकायत गृहमंत्री, मुख्यसचिव और डीजीपी से की है.
बता दें कि डीजी पुरुषोत्तम शर्मा और उनकी पत्नी के बीच काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है. पहली बार वर्ष 2008 में डीजी की पत्नी ने प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था. इसके बाद से दोनो के बीच विवाद चलता आ रहा है. पर अभी तक डीजी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है. दोनों अलग-अलग घरों में रहते हैं.
पुरुषोत्तम शर्मा इससे पहल भी विवादों में घिर चुके हैं जब वो साइबर सेल और एसटीएफ के स्पेशल डीजी थे.इस दौरान हनी ट्रैप के एक मामले में उनका नाम आया था. हालांकि उनके नाम को इस मामले में घसीटे जाने को लेकर उन्होंने तत्कालीन डीजीपी वीके सिंह पर काफी गंभीर आरोप लगाए थे. उनका कहना था कि डीजीपी पुलिस अधिकारियों की छवि खराब करने का काम कर रहा है. उस समय उनका आरोप था कि विभाग द्वारा गाजियाबाद में लिए गए फ्लैट को हनी ट्रैप मामले से जोड़ने और उनके नाम को घसीटने की कोशिश डीजीपी वीके सिंह के द्वारा की जा रही है.
Posted By: Pawan Singh
