चाईबासा : माहवारी आना प्राकृतिक प्रक्रिया, शर्म नहीं गर्व करें

सदर अस्पताल के ओपीडी में माहवारी स्वच्छता पर जागरूकता कार्यक्रम

प्रतिनिधि, चाईबासा विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सदर अस्पताल के ओपीडी परिसर में रेड डॉट चैलेंज चुप्पी तोड़ो खुलकर बोलो कार्यक्रम का आयोजन हुआ. स्वास्थ्यकर्मियों ने सामुदायिक जागरूकता के लिए अपने हाथों के हथेली पर लाल गोले से रंगकर लोगों को बताया किया कि हम लड़की है. हमें माहवारी आना प्राक़ृतिक प्रक्रिया है. इस पर हमें शर्म नहीं, बल्कि गर्व है. कर्मियों ने कहा कि पीरियड्स आना महिला होने का गौरव प्रदान करता है. कार्यक्रम के माध्यम से महिला व किशोरी बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता पर जानकारी दी गयी. माहवारी पर शर्म व झिझक छोड़कर खुलकर चर्चा करेंगे. जिससे एक स्वस्थ, समृद्ध, सुपोषित समाज का निर्माण हो सके. इस दौरान डॉ पी मांझी ने बताया कि जागरूकता के अभाव में व्यक्तिगत स्वच्छता को ध्यान में न रखने के कारण व सेनेटरी पैड की जगह गंदे कपड़ों के उपयोग से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. कार्यक्रम में काफी संख्या में महिला स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >