चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में संचालित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मिड डे मील ) योजना वित्तीय संकट से जूझ रही है. योजना के लिए लंबे समय से राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले भोजन और पूरक पोषण पर असर पड़ने की आशंका गहरा गई है.
बैठक में शामिल हुए विभिन्न विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापक इसी मुद्दे को लेकर रविवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अंचल कॉलोनी, चक्रधरपुर में अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, प्रगतिशील शिक्षक संघ तथा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संयुक्त आह्वान पर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में मध्यान्ह भोजन योजना की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई. स्कूलों में उधार लेकर चल रहा मिड डे मील
बैठक में उपस्थित प्रभारी प्रधानाध्यापकों ने बताया कि अधिकांश विद्यालयों में सरस्वती वाहिनी के अध्यक्षों द्वारा पिछले चार महीनों से बिना पर्याप्त राशि के किसी तरह मिड डे मील का संचालन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है और स्थानीय स्तर पर उधार या अन्य माध्यमों से व्यवस्था चलाना भी कठिन हो गया है. नहीं हुआ समाधान तो बंद हो जाएगा मिड डे मील
शिक्षकों ने चिंता जताई कि राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों को दिए जाने वाले पूरक पोषण के तहत अंडा एवं फल की व्यवस्था बंद करनी पड़ेगी. साथ ही यह भी आशंका व्यक्त की गई कि यदि शीघ्र आवश्यक राशि उपलब्ध नहीं कराई गई तो आगामी एक सप्ताह के भीतर कई विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन का संचालन पूरी तरह ठप हो सकता है. बैठक में यह भी कहा गया कि मध्यान्ह भोजन योजना केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और विद्यालयों में नियमित उपस्थिति से भी सीधे जुड़ी हुई है. योजना प्रभावित होने पर गरीब एवं ग्रामीण परिवारों के बच्चों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ेगा. सरकार से हस्तक्षेप की मांग
उपस्थित शिक्षकों ने सरकार और संबंधित विभाग से अविलंब बकाया राशि जारी करने की मांग की. सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम तथा उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र हस्तक्षेप और आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी. बैठक में शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते राशि उपलब्ध नहीं कराई गई तो इसका सीधा प्रभाव विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के पोषण स्तर, स्वास्थ्य और नियमित उपस्थिति पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बच्चों के हित में सरकार को तत्काल पहल करते हुए मध्यान्ह भोजन योजना के लिए लंबित राशि जारी करनी चाहिए, ताकि विद्यालयों में भोजन व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रह सके.
