मनोहरपुर से राधेश सिंह की रिपोर्ट
Chaibasa News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के सोनपोखरी गांव में खेत से बरामद शक्तिशाली विस्फोटक को शुक्रवार को भारतीय सेना के बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया. सेना ने अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए करीब 150 मीटर दूर से नियंत्रित विस्फोट किया. धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरा इलाका गूंज उठा और विस्फोट स्थल पर लगभग पांच फीट गहरा गड्ढा बन गया. हालांकि सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के कारण इस पूरे अभियान में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.
सेना के विशेषज्ञों ने संभाली ऑपरेशन की कमान
इस संवेदनशील अभियान का नेतृत्व भारतीय सेना की 23 इन्फेंट्री डिविजन के कर्नल धर्मेंद्र सिंह ने किया. उनके साथ बम निरोधक दस्ते के प्रशिक्षित विशेषज्ञों ने पूरे ऑपरेशन को बेहद सावधानी और पेशेवर तरीके से अंजाम दिया. सेना के साथ जिला प्रशासन, सीआरपीएफ और जिला पुलिस के अधिकारी भी पूरे समय मौके पर मौजूद रहे. सेना ने पहले विस्फोटक की जांच की और उसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नियंत्रित तरीके से नष्ट करने की रणनीति तैयार की.
खराब मौसम के कारण दो घंटे टला ऑपरेशन
बम को शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे नष्ट किया जाना था. सेना, पुलिस और प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं. विस्फोटक को एक बड़े तालाब के गड्ढे में रखकर नियंत्रित विस्फोट की प्रक्रिया शुरू होने ही वाली थी कि अचानक मौसम खराब हो गया. आसमान में घने बादल छा गए और तेज बारिश के साथ वज्रपात शुरू हो गया. सुरक्षा को देखते हुए कर्नल धर्मेंद्र सिंह ने तत्काल ऑपरेशन रोकने का निर्णय लिया. करीब दो घंटे तक सभी अधिकारी और जवान मौसम सामान्य होने का इंतजार करते रहे. बारिश थमने के बाद शाम 3:14 बजे दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई और बम को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया.
150 मीटर दूर से किया गया कंट्रोल्ड ब्लास्ट
सेना के बम निरोधक दस्ते ने इस अभियान में कंट्रोल्ड ब्लास्ट तकनीक का इस्तेमाल किया. विशेषज्ञों ने मुख्य विस्फोटक के साथ अतिरिक्त विस्फोटक सामग्री जोड़कर लगभग 150 मीटर लंबा तार बिछाया. इसके बाद सुरक्षित दूरी पर बने कंट्रोल प्वाइंट से बैटरी के जरिए करंट प्रवाहित कर विस्फोट किया गया. जैसे ही बटन दबाया गया, जोरदार धमाका हुआ और धुएं तथा मिट्टी का विशाल गुबार लगभग 60 मीटर तक हवा में उठ गया. धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास की जमीन भी कांप उठी.
300 मीटर दूर रखा गया सुरक्षा घेरा
प्रशासन ने पूरे इलाके को पहले ही सुरक्षा घेरे में बदल दिया था. विस्फोट स्थल के चारों ओर लगभग 300 मीटर के दायरे को पूरी तरह नो-गो जोन घोषित किया गया. ग्रामीणों, मीडियाकर्मियों और अन्य लोगों को निर्धारित सीमा से बाहर ही रोक दिया गया. यह फैसला बाद में पूरी तरह सही साबित हुआ, क्योंकि धमाके के बाद बम के स्प्लिंटर्स करीब 400 मीटर दूर तक जाकर गिरे. हालांकि किसी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई.
धमाके से पांच फीट गहरा गड्ढा बना
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि जिस स्थान पर बम नष्ट किया गया, वहां लगभग पांच फीट गहरा गड्ढा बन गया. लोहे के टुकड़े और बारूद के अवशेष चारों ओर फैल गए. विशेषज्ञों ने पूरे इलाके का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि कोई सक्रिय विस्फोटक शेष न रह जाए. बम पूरी तरह नष्ट होने के बाद ही सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया.
सेना, सीआरपीएफ और पुलिस के अधिकारी रहे मौजूद
पूरे अभियान के दौरान सेना की ओर से कर्नल धर्मेंद्र सिंह, रणबीर कुमार, संदीप कुमार चौधरी और आयुष मौजूद रहे. जिला प्रशासन की ओर से अंचल अधिकारी प्रदीप कुमार बतौर दंडाधिकारी तैनात थे. इसके अलावा एएसपी (अभियान) राहुल देव बड़ाईक, मनोहरपुर डीएसपी डेविड ए. डोडराय, थाना प्रभारी अमिएल एक्का तथा सीआरपीएफ के अधिकारी शंभू नाथ यादव भी पूरे अभियान की निगरानी करते रहे. सेना, सीआरपीएफ और जिला पुलिस के दर्जनों जवानों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा संभाल रखी थी.
सेना का ही निकला विस्फोटक
सेना के अधिकारियों ने बताया कि बरामद विस्फोटक भारतीय सेना का और भारतीय निर्माण का है. हालांकि उस पर काफी जंग लग चुकी थी, इसलिए यह पता लगाना मुश्किल है कि वह कितने वर्षों पुराना है. अधिकारियों के अनुसार यह तोप में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक था. सेना ने विस्फोट के बाद उसके अवशेष अपने कब्जे में लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि विस्फोटक कितने समय पुराना था और अन्य तकनीकी जानकारियां क्या हैं.
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स्प्लिंटर्स से ग्रामीण के घर को हुआ नुकसान
धमाके के दौरान उड़कर आए स्प्लिंटर्स से विस्फोट स्थल से करीब 300 मीटर दूर स्थित बानसिंह हेम्ब्रम के घर की एस्बेस्टस शीट क्षतिग्रस्त हो गई. हालांकि किसी व्यक्ति को चोट नहीं लगी. मौके पर मौजूद अंचल अधिकारी ने प्रभावित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया. बम के पूरी तरह नष्ट होने के बाद प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और सोनपोखरी गांव के लोगों ने राहत की सांस ली.
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