प्रतिनिधि, चक्रधरपुरमॉनसून की शुरुआत के साथ ही चक्रधरपुर अनुमंडल क्षेत्र में मौसमी बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में इन दिनों मरीजों की तादाद अचानक बढ़ गयी है. अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, ओपीडी में रोजाना लगभग 150 से 200 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. इनमें अधिकतर लोग सर्दी, खांसी, तेज बुखार, वायरल इन्फेक्शन, पेट दर्द और मलेरिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं.
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अस्पताल में आने वाले मरीजों में से प्रतिदिन 2 से 4 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हो रही है. मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए अनुमंडल स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क मोड पर है.
गांवों में कैंप लगाकर हो रही मलेरिया जांच
ग्रामीण इलाकों में विशेष जांच और जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है. विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर कैंप लगा रही हैं. इसी कड़ी में प्रखंड के बाइपी, भरनियां व बीडासरजम- हेसलकुटी गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये गये, जहां बुखार से पीड़ित ग्रामीणों के ब्लड सैंपल लेकर मौके पर मलेरिया की जांच की गयी और संक्रमितों को तत्काल दवाइयां बांटी गयीं.
बुखार को हल्के में न लें, मलेरिया जांच जरूर करायें : डॉ. अंशुमान
अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अंशुमान शर्मा ने बताया कि बरसात में मच्छरों जनित और संक्रामक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां और जांच किट उपलब्ध हैं. उन्होंने आम जनता से अपील की है कि बुखार आने पर इसे सामान्य मानकर लापरवाही न बरतें. तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचकर अपनी जांच करायें. उन्होंने मलेरिया से बचाव के लिए घरों के आसपास जलजमाव नहीं होने देने, साफ-सफाई रखने और सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी है.
