चक्रधरपुर रेल मंडल में लॉन्च होगा ई-पास, रेलकर्मियों को मिलेगा लाभ

Indian Railway, Jharkhand news : ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) मॉड्यूल में क्रिश द्वारा विकसित ई-पास जल्द ही चक्रधरपुर रेल मंडल में लॉन्च किया जायेगा. रेलवे कार्मिक अधिकारी ने जारीकर्ता डीलरों को एक प्रोफार्मा में यूजर्स आईडी बनाने और सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है. इस व्यवस्था के तहत सभी रेल कर्मियों का रेलवे पास के लिए एक यूनिक नंबर आवंटित होगा. इस यूनिक नंबर का डाटा क्रिश के कंप्यूटर में फीड कर दिया जायेगा. इसके शुरू होने के बाद से रेलवे द्वारा वर्तमान में रेलकर्मियों को कागज का जो फ्री पास निर्गत किया जाता है, उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जायेगा.

Indian Railway, Jharkhand news : चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम) : ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) मॉड्यूल में क्रिश द्वारा विकसित ई-पास जल्द ही चक्रधरपुर रेल मंडल में लॉन्च किया जायेगा. रेलवे कार्मिक अधिकारी ने जारीकर्ता डीलरों को एक प्रोफार्मा में यूजर्स आईडी बनाने और सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है. इस व्यवस्था के तहत सभी रेल कर्मियों का रेलवे पास के लिए एक यूनिक नंबर आवंटित होगा. इस यूनिक नंबर का डाटा क्रिश के कंप्यूटर में फीड कर दिया जायेगा. इसके शुरू होने के बाद से रेलवे द्वारा वर्तमान में रेलकर्मियों को कागज का जो फ्री पास निर्गत किया जाता है, उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जायेगा.

वर्तमान में रिजर्वेशन करने के लिए रिजर्वेशन फॉर्म पर पास का नंबर लिखना पड़ता है. लेकिन, नयी व्यवस्था के तहत केवल यूनिक नंबर लिखना होगा. कंप्यूटर में यूनिक नंबर फीड करते ही उस कर्मचारी का सारा डाटा डिसप्ले हो जायेगा और रिजर्वेशन प्रक्रिया पूरी होगी.

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मालूम रहे कि एससी रेलवे में ई-पास के इस नयी व्यवस्था का सफलतापूर्वक प्रयोग किया गया था, जिसके मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने सभी जोन में चालू करने का निर्णय लिया है. इसके बाद इस आदेश का अनुपालन करते हुई नयी व्यवस्था को जल्द ही लागू कर दिया जायेगा.

रेलकर्मियों को कैसे मिलेगा लाभ

ई-पास हर रेल कर्मी को मिलने के बाद सबसे अधिक लाभ पास के कटने- फटने का नहीं होगा. वर्तमान में जो फ्री पास जारी होता है वह केवल एक पतला कागज का होता है, जिसे संभाल कर रख पाना काफी मुश्किल काम है. पास को फोल्ड कर अक्सर रेलकर्मी जेब या पर्स में ही रखते हैं. इससे कागज का पास समय से पहले ही फट जाता है, जिससे यात्रा में दिक्कत आती है.

मालूम रहे कि एक फ्री पास की अधिकतम अवधि 4 महीने की होती है. कागज के पास को 4 महीनों तक सुरक्षित संभाल कर जेब या पर्स में रखना मुश्किल होता है. ऐसे में ई-पास काफी सुरक्षित और सुविधाजनक होगा. केवल एक यूनिट आईडी याद रखने या फिर सुरक्षित रखने की आवश्यकता होगा. रेलकर्मियों में ई-पास जारी होने से हर्ष है.

Posted By : Samir Ranjan.

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