गुवा से संदीप की रिपोर्ट
IED Blast News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में गुरुवार सुबह चलाए जा रहे सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को एक घटना का सामना करना पड़ा. नक्सल प्रभावित इस इलाके में अभियान के दौरान अचानक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ब्लास्ट हो गया. जिसमें 210 कोबरा बटालियन के हवलदार अभिनय कुमार मित्तल गंभीर रूप से घायल हो गए. यह विस्फोट बाबू डेरा जंगल क्षेत्र के पास हुआ, जहां पहले से नक्सल गतिविधियों की आशंका जताई जाती रही है.
सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ विस्फोट
प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब कोबरा जवान जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. इसी दौरान पहले से प्लांट किए गए आईईडी में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसकी चपेट में आकर हवलदार मित्तल बुरी तरह घायल हो गए. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उनका बायां पैर और बायां हाथ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. मौके पर मौजूद जवानों ने तुरंत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और उच्च अधिकारियों को घटना की सूचना दी.
एयरलिफ्ट कर रांची भेजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए घायल हवलदार को तत्काल एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहां उन्हें बेहतर इलाज के लिए एक विशेष अस्पताल में भर्ती कराया गया है. चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों को उम्मीद है कि समय पर मिले इलाज से स्थिति में सुधार हो सकता है.
विस्फोट के बाद फायरिंग और मुठभेड़
आईडी ब्लास्ट के तुरंत बाद नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. अचानक हुए इस हमले के बावजूद कोबरा बटालियन के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और कई राउंड गोलियां चलाईं. दोनों पक्षों के बीच कुछ समय तक मुठभेड़ जारी रही. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में तीन नक्सलियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, अब तक घटनास्थल से कोई शव बरामद नहीं हुआ है, जिसके चलते इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. सुरक्षा बल इस दिशा में भी जांच कर रहे हैं और इलाके की गहन तलाशी ली जा रही है. घटना के बाद पूरे क्षेत्र को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन और भी तेज कर दिया गया है.
जंगल में तलाशी अभियान
जंगल के हर हिस्से में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है जिससे कि नक्सलियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके. स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और क्षेत्र में शांति-सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार कोशिश कर रही हैं.
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