34 किमी लंबे तार बदलने से दुरुस्त होगी बिजली

चाईबासा : नया फीडर बनाकर कुछ समय के लिए लोडशेडिंग की समस्या से निजात मिल सकता है, लेकिन इसका स्थायी हल निकालने के लिए चाईबासा शहर के करीब 34 किलोमीटर लंबे मेन लाइन तार को बदलना जरूरी है. हालांकि इसके लिए दो महीने तक लोगों को रोजाना 10-12 घंटे बिजली कटौती की परेशानी झेलनी होगी. […]

चाईबासा : नया फीडर बनाकर कुछ समय के लिए लोडशेडिंग की समस्या से निजात मिल सकता है, लेकिन इसका स्थायी हल निकालने के लिए चाईबासा शहर के करीब 34 किलोमीटर लंबे मेन लाइन तार को बदलना जरूरी है. हालांकि इसके लिए दो महीने तक लोगों को रोजाना 10-12 घंटे बिजली कटौती की परेशानी झेलनी होगी.

फिलहाल मेन लाइन के साथ लूप लाइन में रेबीटी तार का इस्तेमाल किया गया है, जो जरूरत के मुताबिक लोड नहीं ले रहा है. इसके कारण 34 किलोमीटर में बिछा रेबिट वायर को बदलकर डॉग वायर लगाना पड़ेगा. वहीं वर्तमान इंशुलेटरों को 33 केवी के इंशुलेटरों में बदलना होगा. आचु ग्रिड बनने के बाद चाईबासा सब स्टेशन को प्रयाप्त बिजली मिल रही है. विभाग के मुताबिक वर्ष 2000 के बाद बिजली के तारों को नहीं बदला गया है.

बिजली व्यवस्था में सुधार को हो चुका है सर्वे
चाईबासा की बिजली व्यवस्था में सुधार के लिये सर्वें पूरा हो चुका है. एएनइआरजीओ कंपनी को सर्वे के साथ बिजली व्यवस्था में सुधार करनी थी. किन्हीं कारणों से कंपनी ने काम बीच में छोड़ दिया. अब कार्य विभागीय स्तर पर होना है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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