10 दिनों में लाल पानी से निजात

किरीबुरू : सेल के किरीबुरू खदान के महाप्रबंधक के ईमा राजू के आश्वासन व एसडीपीओ रजत मणीक बाखला की मध्यस्थता के बाद लगभग 25 घंटों से लाल पानी को लेकर जारी ग्रामीणों की आर्थिक नाकेबंदी बुधवार दोपहर सवा बारह बजे समाप्त हो गयी. ग्रामीणों के ट्रैक से हटने के बाद किरीबुरू-मेघाहातुबुरू खदान से लौह अयस्क […]

किरीबुरू : सेल के किरीबुरू खदान के महाप्रबंधक के ईमा राजू के आश्वासन व एसडीपीओ रजत मणीक बाखला की मध्यस्थता के बाद लगभग 25 घंटों से लाल पानी को लेकर जारी ग्रामीणों की आर्थिक नाकेबंदी बुधवार दोपहर सवा बारह बजे समाप्त हो गयी. ग्रामीणों के ट्रैक से हटने के बाद किरीबुरू-मेघाहातुबुरू खदान से लौह अयस्क का परिवहन रेल मार्ग से शुरू हो गया. किरीबुरू-करमपदा मार्ग पर सबसे पहले शटल ट्रेन को रवाना किया गया. आर्थिक नाकेबंदी से सेल प्रबंधन को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.

क्या है मामला

सेल के किरीबुरू लौह अयस्क खदान का टेलिंग डैम क्षतिग्रस्त होने के कारण पिछले 20-25 दिनों से खदान का लाल पानी व मड करमपदा, नवागांव क्षेत्र की तमाम नदी नाले, खेती योग भूमि को पूर्ण रुप से प्रभावित कर दिया था. जिसके कारण ग्रामीण व पास स्थित सीआरपीएफ कैंप के जवानों के सामने पेयजल, नहाने, खाना बनाने, कपड़ा धोने के लिये पानी की किल्लत शुरू हो गयी थी. नदी व नाला का लाल पानी पीकर मछलियां व पालतू जानवर मरने लगे थे. प्रबंधन से शिकायत के बाद भी निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ. जिससे करमपदा, नयागांव व मझगांव के ग्रामीणों ने टेका प्वाईंट पर बैठ कर सेल के दोनों खदानों की ढुलाई ठप कर दी.

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों की मांग है कि खदान से निकलने वाली लाल पानी पर अविलंब रोक लगाते हुए स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था की जाये. इससे प्रभावित नदी, नाले, कृषि भूमि की सफाई कराकर मुआवजा दिया जाये. गांव के प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी दी जाये. गांव के सभी बच्चों को सेल गोद लेकर शिक्षा दे. गांव में बिजली, सड़क की व्यवस्था, किरीबुरू से करमपदा तक सड़क, गोद लेकर गांवों का सर्वागिण विकास शामिल है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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