गमड़ा नदी में छोड़ा गया 18 हजार मछली का जीरा

कोल्हान में नीली क्रांति की शुरूआत चाईबासा : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सह टीएसी सदस्य जेबी तुबिद ने मंगलवार को गमड़ा नदी के आठ जिला मत्स्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर करीब 18 हजार जीरा मछली छोड़ी. तुबिद ने इसको नीली क्रांति कहते हुए कहा कि इस क्रांति को की शुरुआत एक साल पहले की गयी थी. […]

कोल्हान में नीली क्रांति की शुरूआत

चाईबासा : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सह टीएसी सदस्य जेबी तुबिद ने मंगलवार को गमड़ा नदी के आठ जिला मत्स्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर करीब 18 हजार जीरा मछली छोड़ी. तुबिद ने इसको नीली क्रांति कहते हुए कहा कि इस क्रांति को की शुरुआत एक साल पहले की गयी थी. इसमें ग्रामीण रूची ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि गांवों में समिति बनाकर नदी के पानी को रोक कर लोग रोहू, कतला, मृगल और कार्प मछली पालन कर रहे हैं. इसको देखकर राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर मछली पालन का काम कर योजना बनायी है. इस बार बजट में भी इसको स्थान दिया गया है.
उन्होंने कहा कि प्रथम शुरूआत कोल्हान के पश्चिम सिहभूम के सुरजाबासा, टुटूगूटू, बामिया वासा, जोड़ापोखर समेत 9 जगह पर मछली छोड़ी गयी है. तुबिद ने कहा कि मछली के रखरखाव के सूरजबासा में कोल्डस्टोरेज भी बनाया जाएगा. मौके पर जिला मतस्य पदाधिकारी नीलम सरोज, मत्स्य विभाग के जीनत फातिमा, गांव से सुनद देवमग, प्रियंका देवगम, मानसिंह हेस्सा, माहती पुरती, कमला देवगम, सरोज देवगम, प्रमुख तरुण सावैया आदि मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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