चक्रधरपुर : केरा पंचायत के जारकी शिमलाबाद के ग्रामीणों द्वारा मंदिर की जमीन हड़पने का लगाये गये आरोप को पूर्व पंचायत समिति सदस्य बुधराम उरांव ने बेबुनियाद व निराधार बताया है. उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि उक्त आरोप एक साजिश के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि मंदिर के […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
चक्रधरपुर : केरा पंचायत के जारकी शिमलाबाद के ग्रामीणों द्वारा मंदिर की जमीन हड़पने का लगाये गये आरोप को पूर्व पंचायत समिति सदस्य बुधराम उरांव ने बेबुनियाद व निराधार बताया है. उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि उक्त आरोप एक साजिश के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि मंदिर के नाम उक्त जमीन का निबंधन विक्रेता ने नहीं किया था. जमीन के मालिक ने उन्हें 22 वर्ष पूर्व अपनी बेच दिया था.
अत: विक्रेता को जमीन के एवज में ग्रामीणों से पैसा लेने का बात गैर कानूनी है. मैंने पूर्व में किसी भी ग्रामसभा की बैठक में उक्त जमीन को दान में देने कि बात नहीं कही. हाल में हुए सर्वे सेटलमेंट में भी उक्त जमीन रैयतों का निजी जमीन के रूप में नाम दर्ज है.
मैंने ग्रामीणों को कभी भी धोखे में रखकर उक्त जमीन को नहीं खरीदी. श्री उरांव ने कहा कि झारखंड सरकार के सहकारिता विभाग की आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर स्वीकृति लेने के उपरांत ही आधारभूत संरचना तथा प्रशिक्षण के लिए भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी स्वीकृति मुखिया से लेने की आवश्यकता नहीं है.
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