सारंडा . रोआम व घाटकुड़ी गांव के समीप नक्सलियों ने घटना को दिया अंजाम
राेआम में जेसीबी, घाटकुड़ी में टैंडम रोलर व सेंसर पेवर (रोड बनाने व लेवल करने वाली मशीन) को फूंक दिया
कंपनी को करीब 80 लाख रुपये का हुआ नुकसान
किरीबुरू : सारंडा के गुवा-सलाई सड़क निर्माण कार्य में लगी रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी के तीन वाहनों को नक्सलियों ने रोआम व घाटकुड़ी गांव के समीप दो अलग-अलग स्थानों पर फूंक दिया. घटना शुक्रवार की देर रात 10 बजे की बतायी जा रही है. इससे कंपनी को करीब 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. घटना की मुख्य वजह लेवी बतायी जा रही है. पहली घटना में रोआम गांव के पास खड़ी एक जेसीबी मशीन को फूंका गया जबकि कुछ देर पर दूसरी घटना घाटकुड़ी गांव के समीप घटी. इसमें वहां खड़ी टैंडम रोलर व सेंसर पेवर (रोड बनाने व लेबल करने वाली) मशीन को नक्सलियों ने फूंक दिया.
घटना के बाद ग्रामीणों व कंपनी के कर्मचारियों में दहशत है. घटना के दो दिन पूर्व (बुधवार) को नक्सलियों ने ऑपरेटरों से वाहन की चाबी छीन लेने व कार्य बंद करने की भी बात कही जा रही है. घटना के बाद एसपी अनीस गुप्ता व सीआरपीएफ-197 बटालियन के कमांडेंट टीएच खान के नेतृत्व में नक्सलियों के खिलाफ सारंडा जंगल में ऑपरेशन शुरू कर दिया है. ऑपरेशन में तौकिर आलम (डीएसपी किरीबुरू), प्रकाश चंद्र राय, गुलाब सिंह (दोनों सहायक कमांडेंट, सीआरपीएफ197 बटालियन), सीआरपीएफ-174 बटालियन के अधिकारी व जवान, हरि किशुन उरांव (थाना प्रभारी, छोटानागरा) आदि शामिल हैं. एसपी अनीस गुप्ता एवं सीआरपीएफ-197 बटालियन के कमांडेंट टीएच खान के नेतृत्व में झारखंड पुलिस व सीआरपीएफ के अन्य अधिकारियों ने रोआम व घाटकुड़ी जाकर घटनास्थल का जायजा लिया. पिछले साल(30 व 30 जनवरी) इसी कंपनी के आठ वाहनों को नक्सलियों ने फूंक दिया था. इससे कंपनी को करीब दो करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था.
नुइया-सलाई सड़क निर्माण पर नेशनल ग्रीन ट्रीयूब्नल ने लगायी है रोक. नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल(कोलकाता) ने नुइया-सलाई सड़क के किसी भी निर्माण कार्य पर अगले आदेश तक रोक लगायी है. इसके बाद भी सड़क का निर्माण किया जा रहा है. बगैर पुलिस की सुरक्षा के क्यों सड़क बनायी जा रही थी. ज्ञात हो की इस सड़क को लेकर डॉ राकेश सिंह ने डिपार्टमेंट ऑफ रोड कंस्ट्रक्शन एंड अन्य के खिलाफ न्यायालय में केस दर्ज कर रखा है, जिसका ओए नंबर- 124/2016/इजेड है.
