चाईबासा : सदर प्रखंड के बादुड़ी पंचायत में पंचायत स्वंय सेवकों ने गुरुवार को एक बैठक की. बैठक में सीएनटी एक्ट संशोधन पर मंथन किया गया. कहा गया कि संशोधन को संवैधानिक विधिक रूप से समझने की आवश्यकता है. सीएनटी एक्ट में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति एवं अन्य के जमीन के संबंध में […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
चाईबासा : सदर प्रखंड के बादुड़ी पंचायत में पंचायत स्वंय सेवकों ने गुरुवार को एक बैठक की. बैठक में सीएनटी एक्ट संशोधन पर मंथन किया गया. कहा गया कि संशोधन को संवैधानिक विधिक रूप से समझने की आवश्यकता है. सीएनटी एक्ट में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति एवं अन्य के जमीन के संबंध में अलग-अलग कानूनी प्रावधान है. अनुसूचित जनजाति के सदस्य अपने ही जिले में अपना निवास थाना क्षेत्र के बाहर जमीन का खरीद बिक्री नहीं कर सकते हैं.
जबकि अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति आदि अपने निवास जिला के क्षेत्र में कहीं भी जमीन की खरीद बिक्री कर लाभ ले सकते हैं. इन कानूनी पहलुओं को देखने से ऐसा प्रतीत होता कि सीएनटी एक्ट में अनुसूचित जनजाति को सर्वप्रथम जिला स्तर पर जमीन की खरीद बिक्री का कानूनी प्रावधान किया जाना न्यायोचित होगा. इससे निश्चित ही आदिवासी जमीन को गलत तरीके से खरीद बिक्री पर अंकुश लगेगा. बैठक में ननकु मुंडा, शकुंतला मुंडा, कृष्णा बारी, सिंगराय सावैयां, सिगराय दोराइबुरू, मंगल सिंह हाईबुरू, राजीव पाड़ेया, मानकी कुदादा, सुनीता कुदादा, जन जारिका, विजय जारिका, पप्पु पाड़ेया आदि उपस्थित थे.
झारखंड हित में बंद, समर्थन करे जनता : दीपक: चाईबासा विधायक दीपक बिरुवा ने कहा है कि यह बंद झारखंड के हित में है. यह लड़ाई झारखंड के आदिवासी व मूलवासियों की लड़ाई है. यहां की जनता बंद का समर्थन करे. बंद से आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखा गया है. सीएनटी का प्रस्ताव पास होने पर आदिवासी नाराज: गोविंद: चाईबासा .मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट केंद्र समिति के सचिव गोविंद ने झारखंड विधानसभा से सीएनटी एक्ट 1908 के संशोधान विधेयक का प्रस्ताव पास होने पर आदिवासी समाज को खत्म करने की साजिश बताया. साथ ही कहा कि जिन लोगों का इसमें हाथ है, उनको कोल्हान से खदेड़ दिया जायेगा. विधेयक पास होने पर समस्त आदिवासी समाज काफी नाराज हो गये हैं.