सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का विरोध. मानकी-मुंडा संघ का अंचल ऑफिस में प्रदर्शन
चाईबासा : सीएनटी व एसपीटी एक्ट के विरोध में बुधवार को मानकी मुंडा संघ ने अंचल कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया. मानकी मुंडाओं ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों की जमीन लूटने की जुगत में है. सदर अंचल के माध्यम से राज्यपाल को एक मांगपत्र सौंपा गया. मौके पर मुंडा ललित सावैया, अभिराम सिंह कुंटिया, सूरज कुदादा, मंगल सिंह पूरती, बिरसा देवगम, विजय सिंह सुंडी, धनुरजय देवगम, दूधनाथ तियू, मानकी सिद्धेश्वर दुबराज तियू, मानकी तुरी पूरती, सुरेश बिरूली, लाल सिंह सिरका समेत 76 राजस्व गांव के रैयत उपस्थित थे.
सीएनटी कानून से भला नहीं हुआ, तो संशोधन से क्या होगा : सालखन: अधिकांश आदिवासी भोले-भाले, गरीब और किसान हैं. खेती ही उनका जीवन है. उनके संरक्षण और विकास के लिए बने संविधान, कानून, मानवाधिकार से उनका भला नहीं हुआ. सीएनटी-एसपीटी कानून के रहते हुए उनसे करीब 30 लाख एकड़ जमीन सरकारी योजनाओं सहित अन्य कार्य के लिए छीन गयी. इस कारण 30 लाख आदिवासी विस्थापित हो गये. कानून के रहते उनके साथ अन्याय, अत्याचार व शोषण हो रहा है. ऐसे में कानून में छेड़छाड़ के बाद क्या होगा. उक्त बातें झारखंड दिशोम पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहीं. उन्होंने कहा कि सरकार ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट के बदलाव से तीन फायदे बताये है, जो संदेहास्पद है. सीएनटी-एसपीटी में संशोधन का उद्देश्य आदिवासी जमीन को तथाकथित विकास के नाम से हड़पने की मंशा है.
सीएनटी-एसपीटी में संशोधन के विरोध में धरना:जगन्नाथपुर. सीएनटी व एसपीटी अधिनियम में संशोधन के विरोध में बुधवार को मानकी मुंडा संघ व झामुमो प्रखंड कमेटी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा. मानकी मुंडा संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुमेरु चंद्र महापात्र की अगुवाई में धरना दिया. मौके पर रामजीवन बेहरा, सोमनाथ सिंकु, संग्राम सिंह, बिरसा भगवान सिंकु, कानु लागुरी, दीपक कुमार प्रधान आदि उपस्थित थे.
