चक्रधरपुर : सीएनटी-एसपीटी एक्ट मामले को लेकर बुधवार को वनविश्रामागार में आयोजित युवा कांग्रेस की सभा की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष विजय सिंह सामड ने की, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सह कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्रनाथ चांपिया उपस्थित थे. सभा को संबोधित करते हुए श्री चांपिया ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट आदिवासी-मूलवासियों का […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
चक्रधरपुर : सीएनटी-एसपीटी एक्ट मामले को लेकर बुधवार को वनविश्रामागार में आयोजित युवा कांग्रेस की सभा की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष विजय सिंह सामड ने की, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सह कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्रनाथ चांपिया उपस्थित थे. सभा को संबोधित करते हुए श्री चांपिया ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट आदिवासी-मूलवासियों का मालिकाना हक है, जिसे छीनने की साजिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में एक्ट में संशोधन होने नहीं देंगे. युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष अंबुराय चौधरी ने कहा कि संशोधन का विरोध पार्टी द्वारा हर स्तर पर किया जायेगा.
सभा का संचालन विस अध्यक्ष सह मुखिया पोंडेराम सामाड ने की. मौके पर अभिजीत चटर्जी, विजय सुंबरूई, अरुण जायसवाल, अमर दीक्षित, अशोक पुरती, अशोक सुंडी, उदय प्रसाद सिंह, राजेश लागुरी, विजय सरदार, निराकार प्रधान, बीएम पुरती, दीनु गोप, राजेश शुक्ला, पैदा मुंडा, सुशीला सामाड, त्रिवोन बोदरा, रीतेन नायक, छोटेलाल महतो, मुगेलाल सरदार, ललिता कोड़ा, सरिता हेंब्रम समेत काफी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित थे.
जयरानी पाड़िया का स्वागत : सभा के दौरान नवमनोनीत ग्रामीण महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष जयरानी पाडिया का स्वागत किया गया. पूर्व मंत्री श्री चांपिया ने पुष्पगुच्छ देकर जयरानी का अभिनंदन किया. मौके पर श्रीमती पाडिया ने कहा कि पार्टी को मजबूती देते हुए अधिक से अधिक महिलाअों को जोड़ना उनका लक्ष्य है. साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.
बीडीओ को सौंपा पत्र : सभा उपरांत युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा रैली निकाली गयी. रैली वनविश्रामागार से निकल कर भारत भवन चौक, रेलवे फाटक, गुरुद्वारा, असलम चौक, मैन रोड, पवन चौक, शहीद भगत सिंह चौक, चेकनाका होते हुए प्रखंड कार्यालय पहुंची. यहां पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र बीडीओ को सौंपा, जिसमें सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन का विरोध किया गया है.