महिला के पास 500 व 1000 रुपये के पुराने नोट थे
किरीबुरू : किरीबुरू स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में मंगलवार को एक महिला अपने जनधन बैंक खाता में एक लाख रुपये के 1000 और 500 के पुराने नोट जमा कराने पहुंची. बैंक के कैशियर ने जनधन खाता में इतनी बड़ी रकम जमा करने से इनकार कर दिया. कैशियर ने महिला से पूछा कि इतनी रकम आपके पास कहां से आयी. इसपर महिला ने बताया कि मैंने यह पैसे हड़िया (चावल से बनी नशा सामग्री) बेचकर जमा किये हैं. अब मैं यह रुपये कहां जमा करूं. बैंक कैशियर ने बताया कि इस खाते में आप सिर्फ 50 हजार रुपये जमा करा सकते हैं. इस पर महिला ने खाते में 50 हजार रुपये जमा लेने को कहा.
इसके बाद शाखा प्रबंधक ने उक्त महिला को समझा बुझाकर वापस भेजा. अब सवाल उठता है कि हड़िया बेचकर महिला ने एक लाख रुपये जमा किये, तो उसके पास सभी नोट 500 व 1000 के कैसे थे. ज्ञात हो कि 500 व 1000 के नोटबंदी के बाद नक्सलियों के समक्ष समस्या उत्पन्न हो गयी है. सूत्रों के अनुसार नक्सली अपने काले धन को सपेद करने के लिए ग्रामीणों की मदद ले रहे हैं. सूत्रों के अनुसार मंगलवार को किरीबुरू में साप्ताहिक हाट लगता है. इसके कारण बैंक में काफी भीड़ थी. बैंक में उक्त महिला के अलावा काफी लोग मोटी रकम जमा करने पहुंचे थे. ज्ञात हो कि किरीबुरू क्षेत्र नक्सल प्रभावित माना जाता है. ऐसे में यहां इतनी मोटी रकम जनधन खाते में जमा कराने आना संदेहास्पद है. यह मामला चर्चा का विषय बना रहा.
नोटबंदी : नक्सली गतिविधियों पर है पुलिस की नजर:किरीबुरू. नोटबंदी के बाद काली कमाई की राशि बरामदगी और नक्सलियों के रुपए पकड़ने के लिए पुलिस सारंडा व आसपास वाहन जांच अभियान चला रही है. इस दौरान मंगलवार की दोपहर छोटानागरा व किरीबुरू थाना पुलिस ने वाहनों की जांच की. वहीं दो दिन पूर्व सारंडा के गुवा, नोवामुंडी व जटिया थाना क्षेत्र के जंगलों में माओवादी गतिविधियां बढ़ने की खबर मिली थी. इसके बाद जिला पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों ने दो दिनों तक नक्सलियों के खिलाफ जंगलों में सर्च अभियान चलाया. चर्चा थी कि जंगल में कुख्यात नक्सली सरगना संदीप जी भी आया है. दो दिनों तक चले ऑपरेशन में पुलिस को विशेष सफलता नहीं मिली.
बैंकों में जनधन खाते की स्थिति
नोवामुंडी एसबीआइ शाखा के प्रबंधक शेखर साव ने बताया कि जन-धन योजना के तहत 6, 500 खाते खुले हैं. इसमें बीस फीसदी एकाउंट में 6000 रुपये जमा की गयी है.
झारखंड ग्रामीण बैंक के प्रबंधक जांबिरब बिरुवा ने बताया कि जनधन योजना के तहत 3,483 खाते खोले गये. नोटबंदी के बाद चार से पांच हजार रुपये तक जमा किया गया है. सेविंग एकाउंट में केवल एक व्यवसायी प्रभात कुमार साव ने 2.40 लाख रुपये जमा कराये हैं.
