चाईबासा : सदर विधायक दीपक बिरुवा ने परामर्श दात्री परिषद सदस्य से इस्तीफा देकर यह साबित कर दिया है वे आदिवासी व मूलवासी हितों एवं विकास के दायित्व को पूरा करने में असमर्थ हैं. ऐसे नेताओं को तो विधानसभा से इस्तीफा दे ही देना चाहिए. उक्त बातें भाजपा नेता सह झींकपानी प्रखंड उपप्रमुख तरुण कुमार सावैया ने नीमडीह पंचायत अंतर्गत पुराना चाईबासा में पुतकर देवगम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने आगे कहा कि एसएआर कोर्ट के माध्यम से झामुमो सरकार के कार्यकाल में ही सबसे ज्यादा कृषि योग्य भूमि अधिग्रहण कर उद्योगपतियों को हस्तानांतरण किया गया.
जमीन वापस करायें दीपक. कहा कि वास्तव में यदि दीपक बिरुवा आदिवासी-मूलवासियों के हितैषी हैं, तो, विधानसभा के इस सत्र में चाईबासा नगर के आसपास स्थित 13-14 गांव का मुद्दा उठाये. जहां जैसे-तैसे आदिवासी-मूलवासियों की जमीनों को दूसरों को हस्तानांतरण कर दिया गया है. जो सीएनटी व एसपीटी एक्ट का उल्लंघन है. इसकी सही जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग करें. नहीं तो विधायक के पद से इस्तीफा दें. मौके पर सीएनटी व एसपीटी एक्ट संशोधन संबंधी पंपलेट ग्रामीणों के बीच बांटे गये. बैठक में कुर्सी पंचायत के मुखिया निरेश देवगम, सुभाष सावैंया, मोतीराम बिरुली, छोटादेवगम, रामकृष्ण देवगम, संतोष देवगम, संजीत देवगम, कमल क्लब केलेंडे पंचायत अघ्यक्ष कुंवारे लाल केशरी उपस्थित थे.
