चाईबासा : प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी जेटिया थाना के दिऊरीसाई निवासी सुकु पुरती को दस साल कैद की सजा सुनायी है. साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. वहीं इसी मामले के दूसरे आरोपी कुंडू तमड़िया को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया.
17 नवंबर 2008 को पीड़िता ने दोनों के खिलाफ जेटिया थाने में केस दर्ज कराया था. इसमें उसने बताया कि वह 13 को मुर्गा बेचने के लिए जगन्नाथपुर बाजार गयी थी. शाम को मार्शल गाड़ी से सीलदौरी पहुंची और वहां से पैदल घर जा रही थी. करंजिया के पास गांव के सुकु पुरती व कुंडू तमड़िया बाइक से घर छोड़ने की बात कही.
वह उनके साथ गाड़ी पर बैठ गयी. इसके बाद दोनों उसे एक सुनसान जगह पर ले गये. जहां डरा धमका कर सुकु पूर्ति ने उसके साथ दुष्कर्म किया. जबकि कुंडू पुरती बगल में खड़ा था. किसी तरह वह रात 10 बजे घर पहुंची और परिजनों को मामले की जानकारी दी. परिजनों ने गांव में पंचायत बुलायी. लेकिन दोनों पंचायत में नहीं आये. इसके बाद थाने में केस दर्ज कराया गया.े
