पोड़ेंगेर: पीएलएफआइ के फरमान के विरुद्ध ग्रामीण एकजुट

क्षेत्र में दोपहिया व चार पहिया वाहन के परिचालन पर तीन दिनों पहले लगा दी थी पाबंदी चाईबासा : जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत पोडेंगेर क्षेत्र में पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) संगठन द्वारा वाहनों के परिचालन बंद के फरमान के खिलाफ गुरुवार को सिंदरूबेड़ा व जलासवर पंचायत के खूंटी, मरंगहादा और सिलादोरू आदि […]

क्षेत्र में दोपहिया व चार पहिया वाहन के परिचालन पर तीन दिनों पहले लगा दी थी पाबंदी

चाईबासा : जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत पोडेंगेर क्षेत्र में पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) संगठन द्वारा वाहनों के परिचालन बंद के फरमान के खिलाफ गुरुवार को सिंदरूबेड़ा व जलासवर पंचायत के खूंटी, मरंगहादा और सिलादोरू आदि गांवों हजारों ग्रामीणों एकजुट हुये. पोड़ेंगीर पहुंचे ग्रामीणों ने जनसभा की. ग्रामीणों ने बैठक में निर्णय लिया कि वे पीएलएफआइ के फरमान को नहीं मानेंगे.
पोड़ेंगेर: पीएलएफआइ के फरमान…
पिछले 15 साल से वे पीएलएफआइ को देखते आ रहे हैं. उनके कारण इस क्षेत्र में विकास नहीं हो रहा है. निर्दोष लोगों की पीएलएफआइ व नक्सलियों द्वारा हत्या की जा रही है. क्षेत्र में अमन-चैन के लिये पोडेंगेर में पुलिस का टॉप व कैंप बनना चाहिये.
संगठन छोड़ मुख्यधारा में लौटे : ग्रामीणों ने बैठक में उन लोगों से संगठन छोड़ कर मुख्यधारा में लौटने का अह्वान किया है, जो ग्रामीण किसी कारण से नक्सली संगठन से जुड़ गये हैं. ग्रामीणों ने उनके नक्सली संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटने पर स्वागत का निर्णय लिया है. इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया कि सीएनटी/एसपीटी एक्ट में किसी तरह का संशोधन नहीं होना चाहिये. दूसरी ओर, पीएलएफआइ के खिलाफ ग्रामीणों की इस महत्वपूर्ण बैठक को देखते हुये पुलिस भी ग्रामसभा में पहुंची हुयी थी. पुलिस की ओर से ग्रामीणों के लिये सुरक्षा के पुख्ते इंतेजाम किये गये थे.
पीएलएफआइ फरमान के बाद तीन दिनों से वाहनों का परिचालन है बंद : नक्सलियों की बढ़ती गतिविधि व क्षेत्र में हो रहे अशांत माहौल पर रोक लगाने के लिये पुलिस द्वारा क्षेत्र में पुलिस पिकेट लगाने का निर्णय लिया गया था. इसे स्थानीय मानकी व मुंडाओं की मंजूरी मिल गयी थी. पुलिस पिकेट के लिये सामान का परिवहन वाहनों के जरिये होना था. उसे रोकने के लिये पीएलएफआइ की ओर से तीन दिनों पहले क्षेत्र में दो चक्का व चार चक्का वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगाने का फरमान जारी किया गया था.
इसके बाद से क्षेत्र में वाहनों का परिचालान बंद था. उधर, इस घटना के बाद पुलिस पिकेट के पक्ष में रहने वाले मानकी मुंडा क्षेत्र छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले आये थे. इसके बाद उन्होंने गुरुवार को पीएलएफआइ के फरमान के खिलाफ ग्रामीणों के साथ बैठक करने का निर्णय लिया था. पीएलएफआइ के खिलाफ ग्रामीणों को एकजुट होता देख पुलिस भी ग्रामीणों को सुरक्षा देने पहुंच गयी थी.
पुलिस पीकेट का विरोध करते हुये पीएलएफआइ ने क्षेत्र में तीन दिनों से दो पहिया व चार पहिया के यातायात पर रोक का फरमान जारी किया था. इसके विरोध में ग्रामीणों ने गुरुवार को पोड़ेंगेर में बैठक की तथा क्षेत्र में पुलिस पिकेट बनने को हरी झंडी दी. ग्रामीणों के पीएलएफआइ के खिलाफ एकजुट होने की सूचना पर पुलिस भी बैठक को सुरक्षा देने पहुंची थी.
मानस रंजन, एएसपी (पश्चिम सिंहभूम)

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