मृत पति महाबीर मुखी के शोक में बार-बार यही रट लगा रही कुमारडुंगी की गंगामनी मुखी
चाईबासा पोस्ट ऑफिस से दो साल पहले चतुर्थ श्रेणी पद से रिटायर हुए थे महावीर मुखी
चाईबासा : जब गंगामनी मुखी अपने पति महावीर मुखी के साथ अपने गांव कुमारडुंगी के खैरपाल से चली थी, तब जरा भी भान नहीं था कि कुछ ही घंटे में उनकी दुनिया उजड़ जायेगी. बगल की सीट पर बैठकर वह अपने पति के साथ घर लौट रही थी. दोनों साथ में बात कर रहे थे. पति जल्दी घर जाने की बात कह रहे थे. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. पत्नी तो अपनी सीट पर सही सलामत रही. लेकिन उसके पति साथ छोड़ गये . पति की मौत हो जाने के बाद भी पत्नी को अपने कानों पर भरोसा नहीं हो रहा था.
वह बार-बार लोगों से कह रही थी कि डॉक्टर साहब मेरे पति का इलाज जल्दी कीजिए, घर लौटना है. बार-बार वह यही रट लगा रही थी. जहां पति का शव रखा गया था, वहां घुसने का प्रयास कर रही थी. लोग उसे समझा रहे थे. लेकिन, वह समझ नहीं पा रही थी. मृतक महाबीर मुखी दो साल पहले चाईबासा पोस्ट ऑफिस से चतुर्थ श्रेणी पद से रिटायर हुए थे.
