चाईबासा : आरबीआइ से बिना रजिस्ट्रेशन के बैंकिंग कारोबार कर रही आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के चाईबासा कार्यालय सोमवार को पुलिस ने सील कर दिया. कार्यालय से कंप्यूटर, टेबल, पंखा व अन्य सामान जब्त कर लिये गये. इस मामले में शाखा में कार्यरत गणेश चौधरी, रॉबर्ट व मुंडा सहित चार कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. महुलसाई स्थित खीरवाल बिल्डिंग में कई वर्ष से कार्यालय संचालित हो रहा था. अधिक ब्याज के लालच में लोग यहां पैसा निवेश करते रहे हैं. खबर लिखे जाने तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी.
आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी का दफ्तर सील
चाईबासा : आरबीआइ से बिना रजिस्ट्रेशन के बैंकिंग कारोबार कर रही आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के चाईबासा कार्यालय सोमवार को पुलिस ने सील कर दिया. कार्यालय से कंप्यूटर, टेबल, पंखा व अन्य सामान जब्त कर लिये गये. इस मामले में शाखा में कार्यरत गणेश चौधरी, रॉबर्ट व मुंडा सहित चार कर्मचारियों को पूछताछ के […]

संचालन का अनुमति पत्र नहीं दिखा सके कर्मचारी : सोमवार को चाईबासा डीएसपी (हेड क्वार्टर) प्रकाश सोय के नेतृत्व में सर्किल इंस्पेक्टर कमल कुमार महतो ने दोपहर में सोसाइटी के कार्यालय पर छापेमारी
आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव…
की. यहां कार्यरत गणेश चौधरी, रॉबर्ट व मुंडा नामक कर्मचारियों को कार्य संचालन का अनुमति पत्र दिखाने को कहा. शहरी क्षेत्र में शाखा खोलकर राशि कलेक्शन करने का अनुमति पत्र वे नहीं दिखा पाये. पुलिस जब्त कागजात व कंप्यूटर की जांच कर रही है. जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. संस्था का पंजीकृत कार्यालय अहमदाबाद और मुख्यालय राजस्थान बताया जा रहा है.
फिक्स डिपॉजिट का चलता था स्कीम :
कंपनी ने छह माह के फिक्स डिपॉडिट पर 9.50 प्रतिशत, 9 माह में 10 प्रतिशत, एक साल में 11 प्रतिशत, तीन साल में 11.50 प्रतिशत व पांच साल में 12 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा था. इसके अलावा ए-15 स्किम में पांच हजार रुपये जमा करने पर 15 माह में 5800 रुपये, ए-18 स्कीम में 5 हजार रुपये जमा करने पर 18 माह में 6 हजार रुपये, एक-36 स्कीम में पांच हजार रुपये जमा करने पर 36 माह में साढ़े 7 हजार रुपये दिया जाता है.
आदर्श बचत पत्र के तहत साल में जमा धन दोगुना और आदर्श ट्रिपल में 11 वर्ष में जमा धन तीन गुणा देने का लालच दिया जाता था. इसके अलावा सोसायटी बचत व चालू खाते में 9 प्रति का वार्षिक ब्याज दे रही है. मासिक आय योजना व आवर्ती जमा योजना व इलेक्ट्रॉनिक्स आवर्ती जमा योजना के तहत भी कंपनी पैसा जमा ले रही थी.